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कोविड में यहां School बंद हुए तो कई छात्राएं हो गईं Pregnant, कारण जानकर चौंक जाएंगे आप

जिम्बाब्वे में महिलाओं से यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ गए हैं। अधिक उम्र के पुरुष कम उम्र की लड़कियों से ज्यादा संबंध बना रहे हैं। इस कारण लड़कियां कम उम्र में ही गर्भवती हो जाती हैं।
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Newz Fast, New Delhi दक्षिण अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे को लेकर एस चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां की सर्वोच्च अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। जो लड़कियों को लेकर है।

आपको बता दें कि इस अफ्रीकी देश में महिलाओं के शोषण के मामले आते रहते हैं। यहां कम उम्र में ही गर्भवती हो जाने के बाद से स्कूल छोड़ने के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।

जिसको लेकर कई बार विरोध हो चुका है। इसे देखते हुए देश की अदालत ने लड़कियों के संबंध बनाने की सहमति की उम्र को 16 से बढ़ाकर 18 साल कर दिया है। गौरतलब है कि देश के मानवाधिकार समूहों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है।

अदालत के फैसले के अनुसार देश के न्याय मंत्री और संसद के पास 'संविधान के प्रावधानों के अनुसार सभी बच्चों को यौन शोषण से बचाने वाला कानून बनाने' के लिए 12 महीने का समय होगा।

देश की सर्वोच्च अदालत में लड़कियों के कंसेंट से जुड़ा मामला दो महिलाओं दे द्वारा लाया गया था जिनकी शादी बेहद कम उम्र में ही कर दी गई थी।

लोग फैसले का इस उम्मीद से स्वागत कर रहे हैं कि इस कानून से कम उम्र की लड़कियों के साथ यौन संबंध बनाने से लेकर किशोर गर्भधारण और बाल विवाह के मामलों को धीमा करने में मदद मिल सकती है।

अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि COVID-19 के बाद से इस तरह के मामलों में तेजी आई है। इस दौरान स्कूल बंद थे और गरीबी बढ़ती गई जिस कारण लड़कियों के माता-पिता ने बेहद कम उम्र में उनकी शादियां कर दीं।

महिलाओं की एक वकील ने कहा कि ये जरूरी है कि हम बच्चों, विशेषकर लड़कियों की रक्षा करें। अदालत का ये फैसला बच्चों के शोषण को पूरी तरह तो नहीं रोक पाएगा, लेकिन ये उसे कम जरूर करेगा।'

लड़कियों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने वाले समूह कैट्सवे सिस्टाहुड की निदेशक टैलेंट जुमो ने अदालत के फैसले को मील का पत्थर बताया। वो कहती हैं कि यह फैसला 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को सुरक्षा की गारंटी देता है।

पहले हमारे देश के बूढ़े लोग कम उम्र की लड़कियों का फायदा उठाते थे। बच्चों का शोषण करने वालों के खिलाफ ये एक अच्छा फैसला है।

जिम्बाब्वे में संबंध बनाने के लिए सहमति की उम्र लंबे समय से विवादों में रही है। उम्र बढ़ाने का बचाव करने वालों का तर्क है कि सहमति के लिए 16 साल की उम्र बहुत कम है और इससे कम उम्र की लड़कियों का शोषण होता है।

जिम्बाब्वे के ही न्याय मंत्री जियांबी जियांबी संबंध बनाने के लिए सहमति की उम्र बढ़ाने के पक्ष में नहीं रहे हैं। पिछले साल के अंत में उन्होंने संसद में कहा था कि आजकल के ज्यादातर बच्चे कम उम्र में ही परिवक्व हो जाते हैं और वो यौन रूप से भी जल्दी सक्रिय हो रहे हैं।

उनका कहना था कि सहमति की उम्र को बढ़ाकर 18 करने का मतलब है कि अगर 18 साल से कम उम्र के लड़के-लड़का आपस में संबंध बनाते हैं तो उन्हें अपराधी करार दिया जाएगा और उनके नाम एक गैर जरूरी अपराध दर्ज हो जाएगा।

जिम्बाब्वे में बाल विवाह के मामलों को देखते हुए अदालत ने साल 2016  में ही शादी की उम्र को 16 साल से बढ़ाकर 18 साल कर दिया था।