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हवा में ही फट गया था प्लेन, 329 लोगों की दर्दनाक मौत, 9/11 से पहले सबसे बड़ा विमान आतंकी हमला!

Terrorist Attack on Air India Flight 182 : आयरिश समयानुसार सुबह 8:14 विमान रडार से गायब हो गया क्योंकि कार्गो होल्ड में रखा बम फट गया था।
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air indin flight

Newz Fast, New Delhi  विमान में सवार सभी लोग मारे गए। 307 यात्रियों और 22 क्रू में से सिर्फ 132 शव ही बरामद किए जा सके, बाकी सभी समुद्र में खो गए।

लंदन : अमेरिका में 9/11 हमले से पहले भी एक विमान का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किया गया था। यात्री विमान में हुए इस धमाके में 329 लोगों की मौत हो गई थी।

एक गवाह, जिसकी अब हत्या हो चुकी है, के मुताबिक अगर विमान ने देरी से उड़ान न भरी होती तो यह हीथ्रो एयरपोर्ट से टकरा सकता था। 23 जून 1985 को 37 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 आयरलैंड के दक्षिणपश्चिम छोर से 193 किमी दूर हवा में ही ब्लास्ट हो गया था और प्लेन पर सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी।

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डेलीस्टार की खबर के अनुसार यह हमला कनाडाई-सिख आतंकवादियों ने करवाया था। यह 9/11 से पहले दुनिया का सबसे घातक विमानन आतंकी हमला था। हमले की साजिश खालिस्तान समर्थक सिख संगठन बब्बर खालसा के सदस्यों ने रची थी।

सिर्फ ब्रिटिश-कनाडाई इंद्रजीत सिंह रेयात को इसके दोषी ठहराया जा सका जब 2003 में उसने अपना गुनाह कबूल किया। हमले के मास्टरमाइंड तलविंदर सिंह परमार की 1992 में ही मौत हो गई थी।

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हीथ्रो पहुंचने में विमान को हो गई देरी

हमले की साजिश में कई अन्य लोग भी शामिल थे। खुद विमान पर चढ़े बिना साजिशकर्ताओं में से एक ने कैनेडियन पैसिफिक एयर लाइन्स फ़्लाइट 60 (टोरंटो से मॉन्ट्रियल तक) से अपने सामान को एयर इंडिया फ़्लाइट 182 (मॉन्ट्रियल से दिल्ली से हीथ्रो के रास्ते) में ट्रांसफर करने में कामयाबी हासिल की थी।

मरम्मत के लिए भारत को उड़ान भरने से पहले एयर इंडिया फ्लाइट 181 (फ्लाइट 182 बनने से पहले) में एक अतिरिक्त इंजन लगाया गया था जिसमें करीब 1 घंटा 40 मिनट का समय लग गया। इस वजह से यह विमान हीथ्रो के अपने शेड्यूल टाइम से 30 से 40 मिनट लेट हो गया।

कुछ जलकर, कुछ गिरकर तो कुछ डूबकर मरे

आयरिश समयानुसार सुबह 8:14 बजे विमान रडार से गायब हो गया क्योंकि कार्गो होल्ड में रखा बम फट गया था। विमान में सवार सभी लोग मारे गए। 307 यात्रियों और 22 क्रू में से सिर्फ 132 शव ही बरामद किए जा सके, बाकी सभी समुद्र में खो गए।

कुछ धमाके में मारे गए, तो कुछ 31,000 फीट की ऊंचाई से गिरकर और कुछ की मौत पानी में डूबने से हो गई। इंडो-कैनेडियन टाइम्स के पब्लिशर तारा सिंह हेयर के मुताबिक आतंकी हमले का मकसद हीथ्रो एयरपोर्ट को निशाना बनाना था