ट्रेन को पास कराने के लिए पायलट ने किया ये काम, जानकर रह जाओगे...

बिहार के सीवान जिले में रेलवे की लापरवाही से जुड़ा एक मामले सामने आ रहा हैबिहार के सीवान जिले में रेलवे की लापरवाही से जुड़ा एक मामले सामने आ रहा है
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Newz Fast,Bihar  बिहार के सीवान से ये वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. सीवान के महाराजगंज में हुई इस घटना के बाद जब रेलवे का पक्ष लेने की कोशिश की गई तो इस मामले में रेलवे के पीआरओ का कहना है कि वन ट्रेन सिस्टम के तहत ऐसा होता है, इसमें कोई लापरवाही जैसी बात नहीं है.

सीवान. बिहार के सीवान जिले में रेलवे आए दिनों अजीबोगरीब कारणों से चर्चा में बना रहता है. यहां कुछ माह पहले ट्रेन रोक कर ड्राइवर द्वारा चाय पीने का मामला सामने आया था तो वहीं अब रेल कर्मियों द्वारा ट्रेन रोककर रेलवे फाटक (गेट) गिराने और फिर उसे उठाने का मामला सामने आया है.

मामला सीवान मशरख रेलखंड पर स्थित महाराजगंज के रगड़गंज फाटक की है, जहां ट्रेन आ रही होती है और रेलवे का फाटक खुला रहता है जिसके बाद ट्रेन का पायलट फायक के पास ही ट्रेन को रोकता है और फिर उसे गिरता है.

इसके बाद जब ट्रेन जाती है तो ट्रेन के चले जाने जाने के बाद वो फाटक उठाया जाता है. इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है जो काफी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. ये सिस्टम रेलवे प्रशासन और व्यवस्था पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.

वीडियो में आप देख सकते हैं कि सीवान मशरख रेलखंड पर चलने वाली मशरक-महाराजगंज- थावे अनारक्षित ट्रेन के इंजन में सवार एक कर्मचारी रेलवे फाटक से थोड़ी दूरी पर ट्रेन से उतरता है फिर रेलवे फाटक को धीरे धीरे बंद करता है.


उसके बाद ट्रेन के पायलट को इशारा करता है और ट्रेन में सवार हो जाता है. ट्रेन चालू होकर कुछ दूरी पर जाकर फिर रुक जाती है. इसके बाद वह कर्मी वापस ट्रेन से उतरता है और रेलवे फाटक को खोलता है,

इसके बाद फिर ट्रेन में सवार होकर अगले स्टेशन के लिए रवाना हो जाता है. मौजूद लोगों ने बताया कि यह पहली लापरवाही नहीं है इससे पहले भी कई बार ट्रेन बिना रेलवे फाटक बंद किए बगैर ही चली गई. अगर रेलवे विभाग की इस तरह की लापरवाही रहेगी तो एक दिन एक बड़ा हादसा हो सकता है.


वीडियो सामने आने के बारे में वाराणसी रेल मंडल के पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि वन ट्रैन सिस्टम में इस तरह होता है. जब ट्रेन एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन चली जाती है तभी दूसरे ट्रेन का सिग्नल दिया जाता है इसमें रेल कर्मचारी की कोई लापरवाही नहीं है.