रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने किया बड़ा बदलाव, ब्याज दरों में की 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धी, क्या रहेगा असर

 रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आज अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नई मौद्रिक नीति का ऐलान किया।
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Newz Fast,New Delhi आरबीआई गवर्नर ने ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ोत्तरी का ऐलान किया। बढ़ोत्तरी के बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी हो गई है।

आरबीआई ने बढ़ती महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। रिजर्व बैंक की मौत्रिक समिति की बैठक बुधवार को शुरू हुई थी। रिजर्व बैंक मई और जून माह में भी ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर चुका है।

आरबीआई दोनों ही बार कुल 90 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोत्तरी कर चुका है। आज के ऐलान से पहले रेपो रेट 4.90 फीसदी, रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी था।

बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है जिसपर आरबीआई बैंकों को शॉर्ट टर्म उधार देती है जबकि रिवर्स रेपो रेट में आरबीआई शॉर्ट टर्म उधार लेती है।

बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ में वार्षिक 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। भारतीय बैंकों के पास पर्याप्त लिक्विडिटी है। जून 2022 में महंगाई दर 6 फीसदी थी। वैश्विक स्तर पर महंगाई चिंता का विषय है।

सप्लाई बढ़ने की वजह से खाने के तेल की कीमतों में कमी आई है। यही नहीं उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खाने के तेल के दाम में कमी आएगी। इसके साथ ही गवर्नर ने कहा कि अगले साल पहले क्वार्टर में महंगाई दर 5 फीसदी रहने की संभावना है।


गवर्नर ने कहा कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स महंगाई दर कुछ ज्यादा रह सकती है, यह 6 फीसदी से ऊपर रह सकती है। वित्त वर्ष 2023 में महंगाई दर को 6.7 फीसदी रहने की संभावना है।

वहीं आरबीआई ने मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी में भी 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी की है। इस बढ़ोत्तरी के बाद एमएसएफ 5.15 फीसदी से बढ़कर 5.65 फीसदी हो गई है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एमडी अश्विनी तिवारी ने कहा कि अभी भी जोखिम बरकरार है, ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी का सही फैसला लिया है। अभी तक जितनी ब्याज दरें बढ़ी हैं उसका असर लोन रिकवरी पर नहीं देखने को मिला है।