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भाग्‍यशाली लोगों के हाथ में होता है यह निशान, बनाता है इन्‍हें धनवान

ऐसे लकी निशान जिनके होने पर व्‍यक्ति को न सिर्फ रुपया-पैसा बल्कि नाम और शौहरत भी भरपूर मिलता है।
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kismat

Newz Fast, New Delhi ऐसा ही एक निशान होता है अंग्रेजी के लैटर Y का निशान। जिसके हाथ में भी रेखाओं से यह निशान बनता है वह जातक बहुत ही भाग्‍यशाली माना जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में अन्‍य खास बातें
 
यूं तो देखने में हथेली की आड़ी-तिरछी रेखाएं बहुत ही सामान्‍य सी दिखती हैं, लेकिन कुछ लोगों के हाथ में इन्‍हीं रेखाओं से कुछ ऐसे निशान बनते हैं जो कि इन जातकों के लिए लकी माने जाते हैं।

ऐसे लकी निशान जिनके होने पर व्‍यक्ति को न सिर्फ

रुपया-पैसा बल्कि नाम और शौहरत भी भरपूर मिलता है। ऐसा ही एक निशान होता है अंग्रेजी के लैटर Y का निशान। जिसके हाथ में भी रेखाओं से यह निशान बनता है वह जातक बहुत ही भाग्‍यशाली माना जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में अन्‍य खास बातें...

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अच्‍छा और बुरा दोनों हो सकता है य‍ह निशान कहते हैं कि यदि किसी जातक की हथेली में मणिबंध और जीवनरेखा के बीच में Y का निशान बन रहा है तो यह बहुत ही खास होता है।

ज्‍योतिष के जानकार इस निशान को अच्‍छा और बुरा दोनों मानते हैं। कुछ परिस्थितियों में यह अच्‍छा माना जाता है और कुछ परिस्थितियों में जातकों को इससे नुकसान भी हो सकते हैं।

कब शुभ माना जाता है Y का निशान

हस्‍तरेखा विज्ञान के अनुसार, जीवन रेखा से होकर चंद्र पर्वत पर जाकर रुकने वाली रेखा और इससे बनने वाली वाई की आकृति को जातक के लिए भाग्‍यशाली चिह्न समझा जाता है।

जिस व्‍यक्ति के हाथ में इस प्रकार से Y की आकृति बनती है ऐसे लोग अपना व्‍यवसाय करते हैं और जीवन में खूब नाम कमाते हैं। ऐसे लोगों का व्‍यापार विदेश तक फैलता है और इन्‍हें विदेश जाने का मौका भी मिलता है।

माना जाता है कि ऐसे लोगों का जीवन संपन्‍नता में गुजरता है और इन्‍हें कभी किसी बात की कमी नहीं होती है।

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अगर किसी के हाथ में कोई छोटी रेखा जीवन रेखा से निकलकर साधारण Y का निशान बनाए तो इसे अशुभ माना जाता है। इसे आम तौर पर जीवन रेखा को काटने वाली रेखा माना जाता है और ऐसी रेखा व्‍यक्ति की आयु कम होने का संकेत देती है।

ऐसे लोगों को अपने जीवन में अक्‍सर अभाव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि इन्‍हें बीमारियां इस कदर घेर लेती हैं कि इनके अंदर जीने की इच्‍छा दिन प्रतिदिन कम होती जाती है।