Indian Railway Fact: चलती ट्रेन से अगर बाहर गिर जाए मोबाइल, इस खास तरीके से तुरंत पा सकते है वापस

 अगर गलती से आपका मोबाइल ट्रेन से बाहर गिर जाएं तो क्या करेंगे। आज हम आपको आपको ट्रेन से नीचे गिरे फोन को वापस लाने का खास तरीका बता रहे हैं।
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Newz Fast, New Delhi रोजाना लाखों लोग ट्रेन में सफर करते हैं। क्योंकि रेलवे अपने यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाने का काम करती है। ट्रेन में सफर करते समय लोग टाइम गुजारने के लिए मोबाइल फोन का यूज करते हैं।

ऐसे में अगर गलती से आपका मोबाइल ट्रेन से बाहर गिर जाएं तो क्या करेंगे। आज हम आपको आपको ट्रेन से नीचे गिरे फोन को वापस लाने का खास तरीका बता रहे हैं।

रेलवे ट्रैक पर लिखे नंबर को करें नोट

ट्रेन में सफर करते वक्त मोबाइल या कोई अन्य कीमती चीज गिर जाने पर वापस लेने का एक बढ़िया तरीका है। इसके लिए बस आपको रेलवे ट्रैक पर लगे पोल पर लिखा हुआ नंबर या साइड ट्रैक का नंबर नोट करना होगा।

इसके तुरंत बाद ही किसी अन्य यात्री के फोन से आरपीएफ और रेलवे हेल्पलाइन 182 नंबर कॉल करना होगा। रेलवे अधिकारियों को ये बताना होगा कि आपका फोन किस पोल के पास गिरा है।

रेलवे हेल्पलाइन पर करें संपर्क

रेलवे अधिकारियों को फोन गिरने की सूचना के साथ पोल नंबर बताने के बाद उन्हें फोन खोजने में आसानी होगी। दरअसल, रेलवे ट्रैक के आसपास लोगों की बस्तियां कम ही होती हैं।

ऐसे में मोबाइल मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। क्योंकि पुलिस तुरंत उसी जगह पर पहुंच जाएगी। इसके बाद आप रेलवे पुलिस से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपना मोबाइल प्राप्त कर सकते हैं।
 
इन नंबरों से मांग सकते हैं मदद

आप मोबाइल गिरने की सूचना देने के लिए रेलवे प्रोटक्शन फोर्स यानी R।P।F को कॉल कर सकते हैं। इसके लिए आपको हेल्पलाइन नंबर 182 पर कॉल करना होगा।

इसके अलावा आप G.R.P के हेल्पलाइन नंबर 1512 पर भी हेल्प मांग सकते हैं। साथ ही रेल पैसेंजर हेल्प लाइन नंबर 138 है, रेल यात्रा के दौरान किसी भी परेशानी की हालत में इस नंबर पर डायल करके भी मदद मांगी जा सकती हैं।

गलती से भी न करें चेन पुलिंग

मोबाइल या कीमती सामान के गिर जाने पर चेन पुलिंग की गलती न करें। अगर आप चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोकते हैं, तो इसके लिए आपको सजा मिल सकती है।

आपको बता दें कि रेलवे एक्ट 1989 की धारा 141 के तहत अगर कोई यात्री बिना किसी जरूरी वजह के चेन का इस्तेमाल करता है

तो रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन यात्रियों और रेलवे स्टाफ के काम में बाधा डालने के चलते दोषी को 1 साल की सजा या 1000 रुपये तक का जुर्माना या फिर सजा या जुर्माना दोनों ही कर सकता है।