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बरात में नहीं लेकर गए तो बराती ने दूल्हे को भेजा 50 लाख का नोटिस, की ये खास मांग

उत्तराखंड के हरिद्वार में एक अनोखा मामला सामने आया है। कार्ड देकर शादी में बुलाने के बावजूद बरात में न ले जाने पर एक दोस्त ने दूसरे दोस्त दूल्हे को नोटिस भेजा है। 

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Newz Fast, Haridwar हरिद्वार का चर्चित मामला आपको बता रहे हैं। यहां कार्ड देकर शादी में बुलाने के बावजूद बरात में न ले जाने पर एक दोस्त नाराज हो गया।  दोस्त ने दूसरे दोस्त यानी दूल्हे को 50 लाख रुपये का कानूनी नोटिस भेज दिया है।

जो भी इस मामले को सुन रहा है। उसे यह बात अजीब सी लग रही होगी। मामला उत्तराखंड में पूरे जोरों पर है। रवि ने अपनी शादी का कार्ड अपने मित्र चंद्रशेखर को दिया था। इसके बाद चंद्रशेखर शादी में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन बरात उनका इंतजार किए बिना ही निकल गई।

चंद्रशेखर ने दूल्हे रवि से फोन पर बात भी की तो उसने अपनी गलती मानने के बजाय कहा कि बरात लेकर जा चुका हूं, अब वापस चले जाएं। मौके पर खड़े बरातियों ने शादी के कार्ड बांटने वाले दोस्त चंद्रशेखर को जमकर खरी-खोटी सुनाई।

यह बात चंद्रशेखर के दिल पर लग गई और उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

इस पर चंद्रशेखर ने अपने वकील से संपर्क किया और सलाह करके अधिवक्ता के माध्यम से दूल्हे रवि को नोटिस भेजकर 3 दिन के भीतर माफी मांगने और हर्जाने के तौर पर 50 लाख रुपये देने की मांग की है। ऐसा न होने पर कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।

अधिवक्ता अरुण कुमार भदौरिया ने बताया कि 23 जून को हरिद्वार के रहने वाली रवि की शादी बिजनौर की अंजू से होनी तय हुई थी। दूल्हे रवि ने अपने दोस्त चंद्रशेखर को एक लिस्ट बनाकर दी कि उसे शादी का कार्ड बांटना और सबको शादी में चलने के लिए निमंत्रण देना है।

रवि के कहने पर चंद्रशेखर ने मोना, काका ,सोनू, कन्हैया, छोटू ,आकाश आदि इन सभी लोगों को कार्ड बांटे और यह आग्रह किया कि आप लोगों को 23 जून की शाम 5 बजे शादी के लिए अपनी सुविधा अनुसार वाहन में चलने के लिए तैयार रहना है और शादी में चलना है।

ये सभी लोग चंद्रशेखर के साथ शाम को 4:50 बजे निर्धारित जगह पर पहुंच गए।

लेकिन वहां जाकर पता चला कि बरात निकल चुकी है, जिस पर चंद्रशेखर ने रवि से जानकारी ली तो रवि ने बताया कि हम लोग जा चुके हैं और आप लोग वापस चले जाओ।

चंद्रशेखर का कहना है कि उसके कहने पर जो लोग शादी में जाने के लिए आए हुए थे, उन सभी लोगों को बहुत दुख पहुंचा और उन सभी ने चंद्रशेखर को अत्यधिक मानसिक प्रताड़ना पहुंचाई।