अपने स्कूल क्रश के चक्कर में मैंने अपने प्यार को खो दिया, जिसका मुझे हमेशा पछतावा रहेगा

वो कहते न कि जिंदगी में कभी भी सब कुछ आसानी से नहीं मिलता है। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब मेरे स्‍कूल का क्रश मेरे सामने आया, तो मैं सोच में पड़ गया कि मैं अपनी जिंदगी में क्या फैसला लूं।
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school time love

Newz Fast, New Delhi मेरी एक छोटी सी गलती ने न केवल सब कुछ तबाह कर दिया बल्कि मैं हमेशा के लिए अकेला भी रह गया। किसी ने ठीक कहा है कि जीवन में अच्छा समय पाने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

इस दौरान न केवल आपको बहुत से निर्णय लेने पड़ते हैं बल्कि एक गलत फैसला आपको बर्बाद भी कर सकता है। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

मैंने अपनी लाइफ में एक ऐसी गलती कर दी, जिसका हर्जाना मैं अभी तक भुगत रहा हूं। दरअसल, मैं 26 साल का एक अविवाहित आदमी हूं। बचपन से ही मेरा जीवन बहुत मुश्किल हालातों में गुजरा है।

मेरे पैरेंट्स कभी मेरे साथ नहीं थे

ऐसा इसलिए क्योंकि वह दोनों ही वर्किंग थे। उन दोनों का रूटीन ऐसा था कि कई बार परीक्षा से पहले मुझे अपना खाना खुद बनाना पड़ता था।

एक परिवार के रूप में हम सबके बीच जो बॉन्डिंग होनी चाहिए थी, वह कभी से अच्छी नहीं रही। यही नहीं, मैंने बचपन में ही अपनी प्‍यारी दादी को खो दिया था, जिसके बाद

मैं एकदम से अकेला पड़ गया। हालांकि, वह चाहती थीं कि मैं हमेशा खुश रहूं, इसलिए मैंने जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया।

वह मुझे अच्‍छी लगने लगी

जब मैं अपने जीवन में खुश रहने के लिए संघर्ष कर ही रहा था, तब मेरी मुलाकात प्रीति से हुई। प्रीति मुझे पहली ही नजर में अच्‍छी लगने लगी थी। वह बहुत ही तेजस्‍वी-स्‍मार्ट और दयालु लड़की थी।

वह जहां भी जाती थी, वहीं खुशियां फैलाती थी। मैं हमेशा वन वूमेन मेन रहा हूं, इसलिए मुझे यकीन था कि वह मुझे ना नहीं कहेगी।

हालांकि, ऐसा हुआ भी। थोड़ी सी जान-पहचान के बाद हम एक साथ घूमने-फिरने लगे। उसे स्‍पेशल फील कराने के लिए मैं भी उसके साथ फ्लर्ट करने लगा था। हम जानते थे कि हम दोनों एक-दूसरे के लिए एकदम परफेक्ट हैं।

स्‍कूल क्रश ने दी दस्‍तक

मेरी लाइफ में सब कुछ अच्छा चल ही रहा था कि अचानक से एक ऐसा ट्विस्ट आया, जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया। दरअसल, एक दिन जब मैं अपने घर के आसपास घूम रहा था, तो मैं अपने स्कूल की दोस्‍त नेहा से मिला।

यह वही लड़की थी, जिस पर मुझे स्‍कूल के दिनों में क्रश था। मैंने उसे अपने ब्‍लॉक के आसपास देखा था। उसे देखते ही मैं बुरी तरह चौंक गया।

ऐसा इसलिए क्योंकि वह वास्‍तव में अभी भी पहले की तरह बहुत खूबसूरत थी। मैंने उसे अपना परिचय दिया और वह मुझे पहचान गई थी।

मुझे आश्‍चर्य हुआ कि मैं उसे अभी भी याद हूं। इस बात ने मुझे खुश करने के साथ-साथ भ्रमित भी कर दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि उसे देखते ही मेरे मन में सवाल आया कि क्‍या मेरा दिल अब प्रीति के लिए नहीं धड़कता?

उसको मेरे पड़ोस में रहते हुए कई महीने बीत गए थे। मेरा दिल नेहा के करीब जा रहा था। लेकिन प्रीति की मुस्‍कान ने हर पल मुझे रोके रखा। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि प्रीति के होते हुए भी मैं किसी दूसरी महिला के बारे में क्यों सोचने लगा हूं। 

मेरी गलती मुझ पर भारी पड़ गई

इस समस्‍या से बाहर निकलने के लिए मैंने एक तरीका निकाला। मैंने प्रीति और नेहा दोनों को एक-दूसरे से मिलवाया। मैंने यह तय किया कि दोनों को एक-दूसरे से मिलना चाहिए ।

उन्हें एक साथ देखकर मेरा दिल तय कर लेगा कि मुझे किसके साथ रहना चाहिए और किसके साथ नहीं? नेहा के साथ पहली मुलाकात में प्रीति काफी जैलेस लगी जबकि नेहा को सिर्फ मुझसे बात करने में दिलचस्‍पी थी।

मैंने फैसला किया कि मैं दोनों के साथ दोस्‍ताना व्यवहार रखूंगा और कम से कम फ्लर्ट करने की कोशिश करूंगा। लेकिन मेरी कोशिश मुझ पर ही भारी पड़ गई।

दोनों ने अकेले में मुझसे इस बारे में बात कि वह मेरे लिए क्‍या मायने रखती हैं। इस दौरान मैं काफी ज्यादा डर गया था। मैंने उन पर चिल्लाते हुए कहा कि 'मुझे नहीं पता... मैं उलझन में हूं।' मेरा यह जवाब सुनकर दोनाें ने मुझसे बात करना बंद कर दिया। 

नहीं दिया एक भी जवाब

मुझे समझ नहीं आता कि मैंने दोनाें को एक-साथ मिलवाने की गलती कैसे कर दी। खैर, मेरी इस मूर्खतापूर्ण हरकत ने मुझे दोनों से दूर कर दिया है। मेरे कई कॉल्‍स और मैसेज करने पर भी दोनों में से एक किसी ने भी मुझे जवाब नहीं दिया है।

पहले की तरह एक बार फिर अकेला रह गया हूं। अपनी क्रश के पीछे भागने के चक्कर में मैंने अपने सच्‍चे प्‍यार को खो दिया।