मंकीपॉक्स अगर ठीक भी हो जाए तो फिर भी रहता है खतरा, जानिए कैसे

देश में मंकीपॉक्स के मामले काफी बढ़ रही है. इसी तरह से इस बीमारी को लेकर एक के बाद एक नई रिपोर्ट सामने आ रही है। ताजा रिपोर्ट लैंसेट जर्नल की ओर से सामने आई है, जिसमे कहा गया है कि मरीज के मंकीपॉक्स वायरस से ठीक होने के बाद भी उसके सीमन में कई हफ्ते बाद भी इसका संक्रमण बना रह सकता है।
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Newz Fast,New Delhi हालांकि स्वास्थ्य एक्सपर्ट का कहना है कि यह वायरस यौन संबंध से आगे नहीं बढ़ता है।

हालांकि यह किसी भी व्यक्ति के शरीर में घाव, शरीर से निकलने वाले पदार्थ, छींकने से निकलने वाली बूंदों और दूषित बिस्तर से दूसरे को संक्रमित कर सकता है।

शोध में यह भी बात सामने आई है कि म्यूकोसा (नाक, गले, शरीर के भीतर का गाढ़ा तरल पदार्श) के संपर्क में आने से, रेस्पिरेटरी ड्रॉप के संपर्क में आने से भी यह संक्रमण फैल सकता है।

इस बात को लेकर अभी भी शोध चल रहा है कि क्या यौन संबंध बनाने समय यौन अंगों से निकलने वाले तरल पदार्श से मंकीपॉक्स फैलता है या नहीं।

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इंफेक्शियस डिजीजेस लजारो स्पलानाजी की लैबोरेटरी ऑफ वीरोलॉजी की शोधकर्ता फ्रैंसेसा कोलाविटा ने लिखा है कि इस बात को लेकर शोध चल रहा है कि क्या यौन संबंध बनाने से मंकीपॉक्स फैलता है।

कोलाविटा ने कहा कि हमारी शोध में इस बात को समर्थन मिलता है मंकीपॉक्स से ठीक होने के कई हफ्ते बाद भी सीमन में इसका संक्रमण मिल सकता है।

मंकीपॉक्स से ठीक हुए मरीजों से तकरीबन 5-19 दिन के बाद सैंपल लिया गया। 39 साल के व्यक्ति का सैंपल लिया गया था, जोकि मई माह के पहले हफ्ते ऑस्ट्रिया घूमकर आया था।

उसने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि उसने एक व्यक्ति और यौन वर्कर के साथ यौन संबंध बनाया था। उसने पिछले महीने कई व्यक्तियों के साथ पिछले महीने यौन संबंध बनाया था। यह मरीज एचआईवी संक्रमित था। इसके भीतर लक्षण आने के 5 दिन बाद उसे भर्ती कराया गया।

मरीज के अंदर कई लक्षण भी देखने को मिले हैं, उसे बुखार, गले में खरास, यौन अंगों में खुजली, पैर, हाथ और लिंग में घाव है।

मरीज ने बचपन में स्मॉलपॉक्स वैक्सीन की एक डोज ली थी। उसने फिलहाल मंकीपॉक्स का कोई टीका नहीं लिया था और ना ही कोई इळाज कराया था।

इस मरीज पर शोध के दौरान यह बात सामने आई कि मरीज के सीमन में कई हफ्तों के बाद मंकीपॉक्स का वायरस पाया गया।

लेकिन मरीज एचआईवी संक्रमित है लिहाजा मंकीपॉक्स को लेकर मरीज पर एचआईवी के प्रभाव को दरकिनार नहीं किया जा सकता है। यूरिन और ब्लड सैंपल के मंकीपॉक्स का डीएनए नहीं पाया गया है।