फतेहपुरी मस्जिद पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को किया तलब, अवैध निर्माण को लेकर मागां जवाब

पुरानी दिल्ली में स्थित फतेहपुरी मस्जिद 17वीं शताब्दी में बनवाई गई थी. (फोटो- Shutterstock)पुरानी दिल्ली में स्थित फतेहपुरी मस्जिद 17वीं शताब्दी में बनवाई गई थी. 
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Newz Fast,New Delhi दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने 'अमीरो युवा ब्रिगेड' नामक संगठन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए संबंधित पक्षों को छह हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख मुकर्रर की.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17वीं शताब्दी में बनी फतेहपुरी मस्जिद में अवैध दुकानों के निर्माण के आरोपों से जुड़ी याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार और अन्य प्राधिकरणों से शुक्रवार को जवाब तलब किया.

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने ‘अमीरो युवा ब्रिगेड’ नामक संगठन की याचिका पर नोटिस जारी किए और संबंधित पक्षों को छह हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 नवम्बर की तारीख मुकर्रर की.

याचिकाकर्ता ने मस्जिद में अवैध तरीके से निर्मित दुकानों को हटाने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि पुरानी दिल्ली में स्थित इस मस्जिद में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध दुकानें बनायी गई हैं. याचिकाकर्ता संगठन की ओर से वकील हेमंत चौधरी ने पक्ष रखा.

याचिका में दिल्ली वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गयी है. वक्फ बोर्ड की निगरानी में ही मस्जिदों का संचालन किया जाता है.

याचिकाकर्ता ने तुर्कमान गेट, अजमेरी गेट और जामा मस्जिद जैसे ऐतिहासिक स्मारकों के बाहर गैर-कानूनी पार्किंग को हटाने के निर्देश देने की भी मांग की है.