आरसीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप,जानिए क्या रही वजह

आरसीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. जदयू ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. आरसीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. जदयू ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.
 | 
a

 Newz Fast,Bihar आरसीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर जदयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

जाहिर है बिहार की राजनीति के लिहाज से जदयू का यह बड़ा और सख्त कदम माना जा रहा है. राजनीति के जानकार भी बताते हैं कि आरसीपी सिंह के जवाब से असंतुष्ट होने पर जदयू की ओर से कभी भी कोई बड़ा फैसला किया जा सकता है.

पटना. पूर्व केंद्रीय मंत्री व जदयू के नेता RCP सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. दरअसल, जदयू ने ही अपने नेता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया है और पार्टी की ओर से बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को एक पत्र लिखकर 15 के भीतर आरोपों का जवाब मांगा है.

पार्टी ने उनसे पूछा है की आपने नालंदा में जो चालीस बीघा जमीन खरीदी है उसकी जानकारी चुनावी हलफनामे में क्यों नहीं दिया था?  इस मुद्दे को लेकर न्यूज 18 ने से बातचीत में उमेश कुशवाहा ने कहा कि पत्र JDU का अंदरुनी मामला है. जो जवाब आएगा उसके बाद कोई फैसला होगा.

उन्होंने कहा कि अगर कोई भी गलत तरीके से संपती अर्जित करता है तो उस पर कार्रवाई तय है क्योंकि नीतीश कुमार की सरकार भ्रष्टाचार को लेकर कोई समझौता नहीं करने वाली है.

जाहिर है उमेश कुशवाहा के बयान में काफी सख्ती है. राजनीति के जानकार भी बताते हैं कि आरसीपी सिंह के जवाब से असंतुष्ट होने पर जदयू की ओर से कभी भी कोई बड़ा फैसला किया जा सकता है.

हो सकता है कि जदयू आरसीपी सिंह के निष्कासन तक जैसा कड़ा फैसला भी ले सकता है. इसी मसले पर  जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी साफ संदेश दिया है.


उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, JDU भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉरलेंस रखती है. पार्टी के विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है और उसी के आधार पर उनसे सवाल पूछा गया है.

पार्टी का अगला कदम इस पर निर्भर करेगा कि आरसीपी सिंह क्या सफाई देते हैं. कुशवाहा ने आगे कहा, पार्टी को जानकारी मिली है जदयू में शीर्ष पद पर रहते हुए आरसीपी सिंह ने संपत्ति अर्जित की है.

यह जानकारी पार्टी के नेता ने ही दी है. जिस स्तर से भी जांच कराने की जरूरत पड़ेगी करवाई जाएगी. हमें उनके जवाब का इंतजार है.

वहीं, इसी मसले पर बिहार में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के अहम सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने साफ किया है कि आरसीपी को जदयू के नोटिस से गठबंधन में कोई असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि एनडीए में ऑल इज वेल है.

मांझी ने कहा बीजेपी -जेडीयू या हमारी तरफ से मतभेद हो सकता है; मगर मनभेद नहीं हो सकता. आरसीपी सिंह के सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप पर मांझी ने कहा कि बिहार सरकार किसी को न फंसाती है और न बचाती है.  जांच की प्रक्रिया होगी और यह आरसीपी सिंह, जदयू और राज्य, तीनों के हित में है.


इसी मसले पर झारखंड जेडीयू अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद खीरू महतो ने कहा कि  पार्टी की तरफ़ से अपने स्तर पर कार्रवाई हो रही है और पार्टी उसे देखेगी.

आरसीपी सिंह के समर्थकों की तरफ से सीएम पद के नारे लगवाने के सवाल पर खीरू महतो ने कहा कि पार्टी में रहकर पार्टी विरोधी काम करनेवालों पर कोई भी पार्टी कार्रवाई करती है. पार्टी ने इस मामले में भी संज्ञान लिया है.

आरसीपी सिंह को जेडीयू के नोटिस पर राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने बड़ा हमला करते हुए कहा कि राजद पहले से ही आरसीपी सिंह के द्वारा टैक्स लिए जाने की बात कहती रही है. राजद ने दावा किया है की नालंदा के अलावा पटना सहित कई जगहों पर उनकी संपत्ति है.