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Beer Bottle: कंपनी ने किया फरमान जारी, अब बीयर पीने के बाद वापस करनी होगी बोतल

इन दिनों जर्मनी भी एक बड़ी कमी से जूझ रहा है और वो हो कांच की। जी हां कांच की कमी के कारण जर्मनी के रेस्टोरेंट और किराने के कारोबार प्रभावित हुए है।
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Newz Fast, New Delhi क्या कभी सोचा है कि अगर दारू की बोतल वापस करने का फरमान जारी हो जाए तो कैसा लगेगा। बता दें कि रुस और यूक्रेन युद्द कारण दुनियाभर में सप्लाई चेन पर बहुत प्रभाव पड़ा है। 

इस युद्द की वजह से कई देश अपनी रोजाना के जरुरत के लिए प्रयोग की जाने वाली चीजों की तंगी से जूझ रहे हैं।

इन दिनों जर्मनी भी एक बड़ी कमी से जूझ रहा है और वो हो कांच की। जी हां कांच की कमी के कारण जर्मनी के रेस्टोरेंट और किराने के कारोबार प्रभावित हुए है।

आखिर क्यों आ रहीं ये दिक्कतें?

मार्केट प्रभावित होने की मुख्य वजह है ग्लोबल सप्लाई चेन। जरूरत की चीजें लोगों तक पहुंच ही नहीं पा रही हैं। यह ग्लोबल सप्लाई चेन खराब मौसम से लेकर कोविड महामारी, जियोपॉलिटिकल टेंशन और रिबाउंडिंग डिमांड आदि की वजह से प्रभावित हुई है।

जर्मनी में बीयर की कमी

इसी क्रम में देखा गया है जर्मनी में बोतलों की कमी है और इस वजह से बीयर पीने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल यह समस्या रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उत्पन्न हुई है। जर्मनी में कांच की सप्लाई यूक्रेन करता था। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद वहां के मार्केट पर खासा फर्क पड़ा है।

कंपनी ने वापस मांगी बीयर की बोतलें

अब जर्मनी की बीयर बनाने वाली कंपनियां अपने ग्राहकों से खाली बोतल वापस करने को कह रही हैं। कंपनियों का कहना है कि कांच की कमी के चलते नई बोतलों का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से बीयर की नई खेप मार्केट में नहीं पहुंच पा रही है।

लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा असर

कांच की कमी के चलते सिर्फ बीयर या शराब बिक्रेता ही परेशान नहीं हैं, बल्कि सोडा और दैनिक जरूरतों वाली सभी कंपनियों पर इसका फर्क पड़ रहा है।