आयुष्मान के लाभार्थियों की मदद के लिए आगे आएगें आरोग्य मित्र, इस तरह की जाएगी मदद

राज्य में आयुष्मान भारत योजना के लाभुकों को आरोग्य मित्र मदद पहुंचाएंगे.राज्य में आयुष्मान भारत योजना के लाभुकों को आरोग्य मित्र मदद पहुंचाएंगे.
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Newz Fast,New Delhi मंगल पांडेय ने कहा कि आरोग्य मित्र अस्पताल में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों की पात्रता की जांच करेंगे और मरीजों की पात्रता जांच के बाद योजना के लाभार्थी हैं अथवा नहीं इसके संबंध में संबंधित कागजात पर मुहर लगाएंगे.


पटना. बिहार में आयुष्मान कार्ड धारियों की मदद के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर फैसला लिया है कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के लाभुकों को आरोग्य मित्र मदद पहुंचाएंगे.

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि इस योजना को सुलभ तरीके से लाभुकों तक पहुंचाने के लिए अब समर्पित प्रधानमंत्री जन-आरोग्य मित्र अपनी सेवा प्रदान करेंगे.

बता दें, वर्तमान में राज्य के सभी जिला अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में समर्पित आरोग्य मित्र सेवा प्रदान कर रहे हैं. पर अब इसे चरणबद्ध तरीके से राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में आरोग्य मित्रों की सेवा उपलब्ध करायी जाएगी.

सभी आरोग्य मित्र आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के दौरान आने वाले विषम परिस्थितियों का आसानी से समाधान करने में उनकी मदद करेंगे.

आरोग्य मित्र करेंगे लाभार्थियों की पात्रता की जांच 


मंगल पांडेय ने कहा कि आरोग्य मित्र अस्पताल में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों की पात्रता की जांच करेंगे और मरीजों की पात्रता जांच के बाद योजना के लाभार्थी हैं अथवा नहीं इसके संबंध में संबंधित कागजात पर मुहर लगाएंगे.

पात्र लाभार्थी के खाते में निधि की उपलब्धता की जांच  के साथ चिकित्सा के लिए उनसे अनुरोध और लाभार्थी के इलाज के बाद क्लेम समर्पित करेंगे.

आरोग्य मित्र उपचार के बाद लाभार्थियों का अनुभव और प्रतिक्रिया भी लेंगे. साथ ही उसे टीएमएस(ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर अपलोड करने और मरीजों को योजना के संबंध में आवश्यक जानकारी देंगे. यह सभी आरोग्य मित्र सेवा प्रदाता एजेंसी के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य करेंगे.


सरकारी अस्पतालों में हेल्पडेस्क की होगी स्थापना 

स्वास्थ्य मंत्री की माने तो आरोग्य मित्रों की अस्पतालों में उपस्थिति की जांच करने की जिम्मेदारी डीपीसी या प्रभारी डीपीसी की होगी. साथ ही इनके कार्यों की समीक्षा की जिम्मेदारी भी इनके उपर होगी.

इसको लेकर अब सभी सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान मित्र सहायता केंद्र के नाम से हेल्पडेस्क की स्थापना की जाएगी. साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए अस्पताल के द्वारा ही बैनर-पोस्टर भी लगाए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर सभी सिविल सर्जनों को निर्देश जारी कर दिया है.