एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी, दाऊद गिरोह को धर दबोचा, जानिए मामला

एटीएस अधिकारी ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध कृत्यों से प्राप्त धन को आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित संगठनों को भेजा जाता था.
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Newz Fast,Mumbai परवेज जुबैर डी-कम्पनी के टेरर फंडिंग का वो सिपेसालर था जो भारत मे आतंकी गतिविधियों को अंजाम देनेवाले टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन और संगठनों को आर्थिक मदद मुहैया करवाने में मदद करता था.


 महाराष्ट्र के आतंक-रोधी दस्ते (Maharashtra ATS) ने कथित आतंक वित्तपोषण मामले में भगोड़े कुख्यात अपराधी दाउद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के सहयोगी को गिरफ्तार किया है.

एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. एटीएस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में अनीस इब्राहिम का भी नाम शामिल है जो दाउद का छोटा भाई और भगोड़ा अपराधी है.

अधिकारी ने बताया कि एटीएस की कालाचौकी इकाई के अधिकारियों ने बुधवार को परवेज जुबैर मेमन (47) को उसके वर्सोवा इलाके स्थित घर से गिरफ्तार किया.

उन्होंने बताया कि अनीस के साथ ही मेमन भी ‘‘राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों’’ में संलिप्त था. परवेज़ को कोर्ट ने 10 अगस्त का ATS की कस्टडी में भेज दिया है.

कई संगीन धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
एटीएस अधिकारी ने कहा कि मंगलवार को अनीस इब्राहिम और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 121(ए) (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 17,18 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान मामले में मेमन की संलिप्तता सामने आई. उन्होंने कहा कि मेमन ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह एमडीएमए, केटामाइन जैसे मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था.

एटीएस अधिकारी ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध कृत्यों से प्राप्त धन को आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित संगठनों को भेजा जाता था.

परवेज जुबैर डी-कम्पनी के टेरर फंडिंग का वो सिपेसालर था जो भारत मे आतंकी गतिविधियों को अंजाम देनेवाले टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन और संगठनों को आर्थिक मदद मुहैया करवाने में मदद करता था.