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करोडों रूपये के मालिक रिटायर्ड अफसरों को तलाश रही है सरकार

 चिट्ठी लिख-लिख कर इन रिटायर अफसरों का ब्‍योरा मांग रही सरकार 
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INDIAN GOVT. MONEY

नई दिल्ली। आप सोचिए अगर आपके करोडों रुपये सरकार के पास बतौर अमानत जमा हो, तो क्या करेंगे, यकीनन उसे निकलवाएंगे। लेकिन सरकार के पास करोड़ों रुपये ऐसे जमा हैं, जो उसके लिए सिरदर्द बन गए हैं। ये रुपये उन हजारों अफसरों के हैं, जो कई साल पहले रिटायर हो गए लेकिन अपनी रैंक पे  का बकाया क्‍लेम करने नहीं आए।

चौका देने वाली बात ये भी है कि विभाग भी मजबूर है क्‍योंकि उसके पास उनका पता-ठिकाना नहीं है और दूसरे वह तमाम जगह चिट्ठी लिख-लिख कर इन रिटायर अफसरों का ब्‍योरा मांग रहा है। कई सालों से यह सिलसिला जारी है।

आइडीएएस डॉ. राजीव चव्‍हाण के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1 जनवरी 1986 से हजारों अफसरों की पे रीफिक्‍स की गई है। ऐसा उनकी रैंक पे में कटौती न करके हुआ।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इन अफसरों को 1 जनवरी 2006 से उनकी रैंप पे पर 6 फीसद की दर से ब्‍याज भी देना है। हालांकि आम तौर पर जब पैसा सरकार के खाते में जमा होता है तो उसे ब्‍याज आमदनी होती है, लेकिन इस मामले में उसे अपने पास से पेमेंट करना होगा।

यानि जितने दिन उसके पास रैंप पे की रकम जमा रहेगी, उसे तब तक का ब्‍याज देना होगा। अफसरों का घर का पता या बैंक डिटेल विभाग के पास नहीं है। इससे वह रकम ट्रांसफर नहीं कर पा रहा है।

इसके उलट उसे मोटा ब्‍याज भी देना पड़ेगा। यह मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद चर्चा में है। चूंकि यह मामला रिटायर्ड अफसरों से जुडा है इसलिए सभी की निगाहें इस पर जुटी है।