CWG 2022: भारत को मिला 9वां गोल्ड मेडल, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और दीपक पूनिया ने जीता स्वर्ण पदक, अंशु मलिक को मिला रजत

बजरंग पूनिया ने राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। पुरूषों के 65 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में कनाडा के मैकलीन लाचलान को हराया। अंशु मलिक ने रजत पदक जीता।
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Newz Fast, Viral Desk स्टार पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और दीपक पूनिया ने राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती स्पर्धा में शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाले, जबकि अंशु मलिक को पदार्पण करते हुए रजत पदक मिला।

टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग का 65 किलो वर्ग में इतना दबदबा रहा कि पहले दौर में ही उन्होंने चार में से तीन मुकाबले जीते। उन्होंने फाइनल में कनाडा के लाचलान मैकनील को 9-2 से हराया।

इससे पहले इंग्लैंड के जॉर्ज रैम पर तकनीकी श्रेष्ठता (10-0) से जीत दर्ज कर आसानी से फाइनल में जगह बनायी थी।वहीं साक्षी मलिक ने 62 किग्रा के फाइनल में कनाडा की एना गोंडिनेज गोंजालेस को चित करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

यह साक्षी का राष्ट्रमंडल खेलों में पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अंशु मलिक ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का कुश्ती में खाता खोला। 

दीपक पूनिया ने पाकिस्तान के मोहम्मद इनाम को पुरुषों के 86 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में 3-0 से हराकर भारत को तीसरा स्वर्ण दिलाया। वह कनाडा के एलेक्जेंडर मूर को 3-1 से पराजित करके फाइनल में पहुंचे थे।

भारत कुश्ती में अब तक तीन स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य सहित 6 पदक जीत चुका है। इससे पहले, अंशु मलिक 57 किग्रा महिला में रजत, जबकि बजरंग पूनिया 65 किग्रा पुरुष वर्ग और 86 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में दीपक पूनिया स्वर्ण जीत चुके हैं। दिव्या और मोहित ने कांस्य पदक जीता है। 

भारत का राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में कुश्ती में प्रदर्शन :

बजरंग पुनिया - स्वर्ण पदक 

दीपक पुनिया- स्वर्ण पदक 

साक्षी मलिक -गोल्ड मेडल 

अंशु मलिक- सिल्वर मेडल 

दिव्या काकरान- कांस्य पदक

मोहित ग्रेवाल- कांस्य पदक 

बजरंग ने कुश्ती में दिलाया पहला स्वर्ण पदक

टोक्यो ओलंपिक 2020 के कांस्य पदक विजेता बजरंग ने मैच की शुरुआत से ही मेकनील पर दबाव बनाना शुरू कर दिया, जबकि मेकनील उनके सामने बेअसर नजर आये।

इस जीत के साथ भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में सात स्वर्ण जीत लिये हैं। गत चैम्पियन बजरंग मौरिशस के जीन गुलियाने जोरिस बांडोऊ को महज एक मिनट में पटखनी देकर 6-0 की जीत से सेमीफाइनल में पहुंचे।

उन्हें क्वार्टरफाइनल में पहुंचने में दो मिनट से भी कम समय लगा, जिसके लिये उन्होंने शुरूआती दौर में नौरू के लोवे बिंघम को गिराकर 4-0 से आसान जीत दर्ज की। 

बजरंग ने एक मिनट अपने प्रतिद्वंद्वी को समझने में लिया और फिर 'जकड़ने' की स्थिति से अचानक बिघंम को पटक कर मुकाबला खत्म कर दिया।

बिंघम को इस अचानक से हुए दांव का पता नहीं चला और भारतीय पहलवान आसानी से जीत गया। भारतीय महिला पहलवान अंशु मलिक ने शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का कुश्ती में खाता खोला।

अंशु को फाइनल में नाईजीरिया की ओडुनायो फोलासाडे एडुकुरोये से 3-7 से हार का सामना करना पड़ा।  

साक्षी मलिक ने वापसी करते हुए हुए जीता फाइनल

भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भी राष्ट्रमंडल खेलों की 62 किग्रा के फाइनल में कनाडा की एना गोंडिनेज गोंजालेस को चित करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

यह साक्षी का राष्ट्रमंडल खेलों में पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। साक्षी ने गोंजालेज को चित (विन बाई फॉल) करके स्वर्ण पदक जीता।

साक्षी पहले हाफ के अंत तक मैच में 4-0 से पीछे चल रही थीं, लेकिन दूसरे हाफ में उन्होंने शानदार वापसी की। साक्षी ने पहले गोंजालेज को दो बार टेकडाउन करके मैच को 4-4 की बराबरी पर पहुंचाया, और फिर अपनी प्रतिद्वंदी को चित करते हुए उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला स्वर्ण प्राप्त किया। 

अंशु ने इससे पहले हर मुकाबले में दबदबा बनाया। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की इरेन सिमियोनिडिस और सेमीफाइनल में श्रीलंका की नेथमी पोरूथोटागे पर तकनीकी श्रेष्ठता (10-0) से जीत दर्ज की।