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Kashmir Election: हमें मुआवजा नहीं मीरपुर और मुजफ्फर बाल चाहिए

आजाद भारत के इतिहास में पहली बार जम्मू में ऐसे कई कार्यक्रम हुए जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों में वैसे बसे गुलाम कश्मीर के विस्थापित को एक मंच पर ला खड़ा किया है
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Newz Fast, New Delhi आजाद भारत के इतिहास में पहली बार जम्मू में ऐसे कई कार्यक्रम हुए जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों में वैसे बसे गुलाम कश्मीर के विस्थापित को एक मंच पर ला खड़ा किया है

सामूहिक श्रद्धांजलि व पुण्य भूमि सम्मेलन सभा के 1947 में अपनी जमीन में संस्कृति से उखड़ चुके विस्थापित परिवार के सुख जख्म फिर से हरे हो गए हैं पाकिस्तान के इशारों पर का वीडियो द्वारा पूर्व जो पढाई जुल्म की कहानी सुनकर भावुक हुए विस्थापितों के विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने जोश भर दिया

उन्होंने कहा हम इस कार्यक्रम में मुआवजा लेना नहीं बल्कि मीरपुर और मुजफ्फराबाद लेने आए हैं जैन ने कहा मीरपुर और मुजफ्फराबाद गिलगित बालटिस्तान के बिना जम्मू-कश्मीर अधूरा है और इसे वापस लिया जाना है

इतिहास हो चुका है मुद्दा यह है कि गुलाम कश्मीर के लिए 1947 में जो प्रस्ताव पारित हुए थे उसका संकल्प को पूरा किया जाए जम्मू कश्मीर के बलिदानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जम्मू के मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज गांधीनगर के मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया

इस मौके पर सुरेंद्र जैन ने अब्दुल्ला परिवार की तरफ से इशारा करते हुए कहा तीन पीढ़ियों से यह परिवार प्रदेश को लूट रहा है लेकिन अब और नहीं देश का भविष्य अब इस कार्यक्रम में पहुंचे लोग तय करेंगे उन्हें केंद्र सरकार से मांग भी उठाई कि गुलाम कश्मीर के लिए जम्मू कश्मीर की 24 विधानसभा सीटों में से कम से कम 8 सीटों पर चुनाव किया जाना चाहिए
वह दिन दूर नहीं जब जम्मू से मीरपुर चलेगी ट्रेन
कार्यक्रम में मौजूद अभिनेता व निर्माता मुकेश श्री ने विस्थापितों को भरोसा दिलाया कि वह दिन दूर नहीं जब जम्मू कश्मीर स्टेशन पर ट्रेन सुनाई देगी लेडीज एंड जेंटलमैन कृपया ध्यान दें मीरपुर जाने वाली रेलगाड़ी 30 मिनट बाद चलने वाली है ऐसे ही इंडियन एयरलाइंस की भी घोषणा होगी उनके लिए संबोधन पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा उन्होंने कहा कि सीना ठोक कर कहो कि हम लोग वही लोग हैं जिनके लिए पूर्वजों ने कुर्बानी दी थी