China Taiwan War: ड्रोन, 10 लाख सैनिक, युद्धपोत... चीन-ताइवान के बीच हो सकती है रूस-यूक्रेन से भी बड़ी जंग, अमेरिका को भी चुकानी पड़ेगी कीमत

इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यूक्रेन पर रूस के हमले से चीन का हौसला बढ़ सकता है और वह ताइवान पर आक्रमण करने के लिए इस मौके का फायदा उठा सकता है।

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Newz Fast, Viral Desk चीन ताइवान पर एक विनाशकारी हमला कर सकता है जो यूक्रेन पर रूस के हमले से भी बड़ा होगा। विशेषज्ञों की यह चेतावनी डराने वाली है।

सैन्य विश्लेषकों को इस बात का डर सता रहा है कि चीन हाई टेक ड्रोन, 10 लाख सैनिक, युद्धपोतों और हमलावरों को ताइवान जलडमरूमध्य में भेज सकता है।

यह खबर ऐसे समय में आई है जब चीन ताइवान के चारों ओर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास कर रहा है जिसने दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त जलमार्गों को बाधित कर दिया है। अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के विरोध में चीन ने ये अभ्यास शुरू किए हैं।

नैंसी पेलोसी 25 साल में ताइवान की यात्रा करने वाली पहली अमेरिकी स्पीकर हैं। गुरुवार दोपहर को यह अभ्यास शुरू हुआ था जिसमें लाइव फायरिंग भी शामिल है।

चीन की सरकारी मीडिया ने इसकी जानकारी दी है। चीन ताइवान पर अपना दावा करता है और उसने जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक इस पर कब्जा करने की कसम भी खाई है। इसी वजह से चीन और ताइवान के बीच संभावित युद्ध को लेकर गंभीर भविष्यवाणियां की जा रही हैं।

'कोरियन युद्ध के बाद से सबसे बड़ी तबाही'

इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यूक्रेन पर रूस के हमले से चीन का हौसला बढ़ सकता है और वह ताइवान पर आक्रमण करने के लिए इस मौके का फायदा उठा सकता है।

पूर्व वाइट हाउस सलाहकार डेविड ओचमानेक ने द सन ऑनलाइन को बताया कि यह तबाही इतनी बड़ी हो सकती है जो दुनिया ने 1951 में कोरियन विवाद के बाद से नहीं देखी होगी।

कोरियन युद्ध में 30 लाख नागरिकों की मौत हो गई थी जिसमें अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर 600,000 टन से अधिक बम गिराए थे।

'चीन को हराने के लिए होंगे सिर्फ कुछ दिन'

ओबामा प्रशासन में पूर्व रक्षा विश्लेषक ओचमानेक ने कहा कि अगर चीन ताइवान के खिलाफ युद्ध शुरू करता है तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास चीन को हराने के लिए सिर्फ कुछ दिन ही होंगे... न हफ्ते, न महीने।

उन्होंने कहा, 'अनुमान है कि चीन ताइवान के खिलाफ बड़े पैमाने पर अपनी मिसाइलों का इस्तेमाल करेगा और अगर वॉशिंगटन इसमें हस्तक्षेप करता है तो ऐसा ही वह अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ भी कर सकता है।

' माना जा रहा है कि घातक ड्रोन इस युद्ध में सबसे प्रमुख हथियार साबित हो सकते हैं।