बारिश के मौसम में बिजली चमकते वक़्त Mobile का उपयोग करना कितना खतरनाक ?

  मोबाइल की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड आकाशीय बिजली को अपनी और आकर्षित करती है।

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Newz Fast, New Delhi बादल गरजने के दौरान यदि आप किसी खुले स्थान पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो उस वक्त बिजली गिरने का खास खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम में मोबाइल को स्विच ऑफ कर रखने से भी खतरा बना रहता है।

मोबाइल को ‘बम’ बना सकती है आकाशीय बिजली।
मोबाइल फोन फटने की घटनाओं के सामने आने के बाद हर बार कुछ खास तरह की एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है। लेकिन पिछले दिनों मोबाइल फटने के बाद घटना की जो हकीकत सामने आई है, उसने वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है।

एक रिसर्च के बाद यह बात सामने आ रही है कि बारिश के दिनों में मोबाइल फोन काफी खतरनाक हो सकता है। गौरतलब है कि बीते दिनों कोटा में मोबाइल फोन फटने से गोपाल नाम के शख्स की जान चली गई थी।

इस धमाके की जांच कर रही टीम ने पाया कि मोबाइल फोन की बैटरी सही सलामत है। इससे पहले मोबाइल फटने की जितनी भी घटनाएं सामने आई थीं, सबमें बैटरी में ही ब्लास्ट हुआ था लेकिन कोटा में मोबाइल फटने की वजह कुछ और ही है।

जानकारों के मुताबिक आसमान से बिजली गिरने की वजह से मोबाइल में धमाका हो गया। जांच में खुलासा हुआ है कि विस्फोट के बाद गोपाल के मोबाइल का मैग्नेटिक हिस्सा पूरी तरह जल गया था।

कोटा के एसपी प्रफुल्ल ने बताया कि एफएसएल की जांच में ये सामने आ रहा है कि आकाशीय बिजली के मोबाइल की ओर आकर्षण से धमाका हुआ।

जानकारों के मुताबिक मोबाइल फोन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड होता है अगर आप किसी ऐसी जगह मौजूद हों जहां बिजली चमक रही हो, तो मोबाइल फोन का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बिजली को अपनी ओर खींच लेगा। ऐसी स्थिति में बिजली की तरंगें मोबाइल में प्रवेश कर जाएंगी। कोटा में गोपाल के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ।

घरवालों का कहना है कि गोपाल भैंसों को चराने गया था तभी उसके मोबाइल की घंटी बजी। उसने बात करने के लिए फोन कान से लगाया तभी जोर का धमाका हुआ और गोपाल जमीन पर गिरकर छटपटाने लगा।

इस हादसे के बाद उसका चेहरा झुलस गया था और उसके कान से खून निकलने लगा था। केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री ने भी इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। राजस्थान के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दूरसंचार ने भी घटना की रिपोर्ट मांगी है।

वैसे बारिश के दौरान स्विच ऑफ मोबाइल भी खतरनाक साबित हो सकता है। दुनिया भर में हर सेकेंड 1800 से 2000 बादलों की गर्जना होती है। आकाश से बिजली पृथ्वी पर 22 हजार 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरती है।

वैज्ञानिकों की मानें तो आकाश में रोज 44 हजार बार बिजली चमकती है। लेकिन बिजली और हमारे बीच बादलों की मोटी परत की वजह से ये हमें हमेशा नहीं दिखाई पड़ती।

मोबाइल से ज्यादा टावर से है खतरा
रेडियो फ्रीक्वेंसी की रेंज जितनी अधिक होती है बिजली उतनी ही स्पीड से आकर्षित होकर मोबाइल से संपर्क करती है। जिससे विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है।

मोबाइल से ज्यादा रेडिएशन मोबाइल टावर से मिलते हैं बारिश के दौरान मोबाइल टॉवर से दूरी पर रहना ही सुरक्षित होता है अक्सर लोग मोबाइल पर बात करते हुए इस बात पर ध्यान नहीं देते और टावर की जद में आ जाते हैं जैसे अर्थिंग मिलती है वैसे ही बिजली गिरती है

आजकल शहर में मोबाइल ब्लास्ट की खबर तेजी से सुनने को मिल रही है। किसी का मोबाइल ओवरचार्जिंग के बजे से ब्लास्ट कर जाता है तो कभी चार्जिंग के दौरान बात करने, संगीत सुनने के कारण मोबाइल की बैटरी में विस्फोट की घटनाएं अकसर सामने आ रही हैं।

पर मोबाइल ब्लास्ट का एक कारण आकाशीय बिजली भी बन सकती है। हम आपको जो आज बताने वाले हैं वह बात कम ही लोगों को पता है कि बारिश के दिनों में बिजली की गरज चमक बंद चालू मोबाइल, स्मार्टफोन  को बम के समान विस्फोटक बना सकती है।

दरअसल मोबाइल की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड आकाशीय बिजली को अपनी और आकर्षित करती है। एक्सपट्र्स के मुताबिक बिजली गरजने के दौरान यदि आप किसी खुले स्थान पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे होते हैं

तो उस वक्त बिजली गिरने का खास खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मौसम में मोबाइल को स्विच ऑफ कर रखने से भी खतरा बना रहता है। स्मार्टफोन  के इस्तेमाल के दौरान इसलिए बढ़ जाता है खतरा आकाशीय बिजली के मोबाइल की ओर आकर्षण से धमाका हो सकता है।

मोबाइल फोन  में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें होती है अगर आप किसी ऐसी जगह मौजूद हो जहां बिजली चमक रही हो तो मोबाइल फोन  का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बिजली को अपनी ओर खींच लेगा।

ऐसी स्थिति में बिजली की तरंगे मोबाइल में प्रवेश कर जाएंगे और विस्फोट हो जाएगा। लिहाजा सावधानी बरतना जरूरी है।

मोबाइल स्विच ऑफ करने से भी है खतरा
बारिश के दौरान स्विच ऑफ मोबाइल भी खतरनाक साबित हो सकता है । दुनिया भर में हर सेकंड 1800 से 2000 बादलों की गर्जना होती है । आकाश से बिजली पृथ्वी पर 5400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गिरती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार आकाश में रोज 44000 बार बिजली चमकती है लेकिन बिजली और हमारे बीच बादलों की मोटी परत की वजह से यह हमें हमेशा नहीं दिखाई देती है।

इस तरह कम कर सकते हैं रेडिएशन
रेडिएशन कम करने के लिए अपने फोन के साथ फेराइटबीड लगा सकते हैं । यह तरंगों को रोकने का काम करता है। मोबाइल फोनरेडिएशन फील्ड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

कई कंपनियां मार्केट में इस तरह के उपकरण बेच रही हैं। रेडिएशन ब्लॉक एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं । यह कुछ खास तरह के सॉफ्टवेयर होते हैं जो खास बात के लिए ब्लूटूथ, वाई फाई , एंटीना को ब्लॉक कर देते हैं।

मोबाइल से ज्यादा टावर से है खतरा
रेडियो फ्रीक्वेंसी की रेंज जितनी अधिक होती है बिजली उतनी ही स्पीड से आकर्षित होकर मोबाइल से संपर्क करती है। जिससे विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है।

मोबाइल से ज्यादा रेडिएशन मोबाइल टावर से मिलते हैं बारिश के दौरान मोबाइल टॉवर से दूरी पर रहना ही सुरक्षित होता है अक्सर लोग मोबाइल पर बात करते हुए इस बात पर ध्यान नहीं देते और टावर की जद में आ जाते हैं जैसे अर्थिंग मिलती है वैसे ही बिजली गिरती है

इस तरह कम कर सकते हैं रेडिएशन
रेडिएशन कम करने के लिए अपने फोन के साथ फेराइटबीड लगा सकते हैं । यह तरंगों को रोकने का काम करता है। मोबाइल फोनरेडिएशन फील्ड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

कई कंपनियां मार्केट में इस तरह के उपकरण बेच रही हैं। रेडिएशन ब्लॉक एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं । यह कुछ खास तरह के सॉफ्टवेयर होते हैं जो खास बात के लिए ब्लूटूथ, वाई फाई , एंटीना को ब्लॉक कर देते हैं।