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इन 3 परिस्थितियों में हर पुरुष को करना पड़ता हैं दुख का सामना, आइए जानें क्या कहते हैं आचार्य चाणक्य…..

Newz Fast, Chankaya Niti इससे आपकी आजीविका तो प्रभावित होती ही है, साथ ही आप का धन दुश्मन आपको ही नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

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aacharya chankaya

1. आचार्य कहते हैं कि यदि किसी बुजुर्ग व्यक्ति की पत्नी मर जाए तो उसके लिए ये दुर्भाग्य की बात है। बुढ़ापे पर पत्नी ही सबसे बड़ा सहारा होती है। उसके चले जाने से व्यक्ति का जीवन बहुत कष्ट में बीतता है।

2. आचार्य चाणक्य ने दूसरी अहम चीज धन को माना है। धन एक ऐसी चीज है जिसके सहारे बुरा वक्त भी आसानी से गुजर जाता है। लेकिन अगर ये धन आपके दुश्मन के हाथ चला जाए तो व्यक्ति बर्बाद हो जाता है।

इससे आपकी आजीविका तो प्रभावित होती ही है, साथ ही आप का धन दुश्मन आपको ही नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

3. आचार्य चाणक्य के अनुसार तीसरा दुख है किसी पुरुष का दूसरों पर आश्रित होना। व्यक्ति को जितना जीवन मिला है, वो चैन से तभी गुजर सकता है, जब वो आत्मनिर्भर हो।

दूसरों पर निर्भरता आपको कमजोर बना देती है। ऐसे में व्यक्ति को दूसरों के अधीन रहना पड़ता है और दुख का सामना करना पड़ता है।