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हरियाणा रोडवेज में सफर हुआ महंगा, जानिये कितना बढ़ा किराया

Newz Fast, Chandigarh हरियाणा परिवहन विभाग की बसें अभी पहले की तरह प्रदेश के विभिन्न रूट पर चलती रहेंगी। बसों में सवारियों की क्षमता कम करने को लेकर भी अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
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Haryana Roadways New Fair List

बसों में कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन करना होगा। दूसरी तरफ, सरकार ने रोडवेज बसों में चंडीगढ़ तक का सफर एक रुपया प्रति किलोमीटर महंगा कर दिया है। यह बढ़ोतरी करीब पंद्रह किमी के लिए होगी। यानी अंबाला से चंडीगढ़ या नई दिल्ली से चंडीगढ़ तक के किराये में अब 12 रुपये का इजाफा होगा।

जीरकपुर में फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है। ऐसे में रोडवेज की बसों को वाया पंचकूला, चंडीगढ़ लाया जा रहा है। इस वजह से चंडीगढ़ तक का रूट करीब 12 किमी लंबा हो गया है।

प्रदेश के अन्य किसी भी रूट पर बसों के किराये में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस किराया बढ़ोतरी का असर चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच अथवा दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच कहीं भी यात्रा करने वालों पर पड़ेगा।

परिवहन महानिदेशक वीरेंद्र सिंह दहिया का कहना है कि जीरकपुर में अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर पुल बन रहा है। ऐसे में यहां जाम की स्थिति रहती है। इसी वजह से बसों को वाया पंचकूला चलाने का निर्णय लिया है। पंचकूला का रूट लंबा है।

ऐसे में एक रुपया प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाया गया है। यह अस्थाई बढ़ोतरी है, जो पुल निर्माण तक ही लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि बसों में ई-टिकटिंग की सुविधा इसी साल मार्च से शुरू हो जाएगी।

पड़ोसी राज्यों में जा रही परिवहन बसों को लेकर उन्होंने कहा कि अभी किसी भी राज्य में बसों को बंद नहीं किया है। कोरोना संक्रमण के चलते पहली व दूसरी लहर में बसों को बंद कर दिया गया था। बाद में चलाई भी गई तो कुल क्षमता के 50 प्रतिशत सवारियों के साथ ही बसें चल पाई। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है और पाजिटिव मरीजों के केस बढ़ रहे हैं।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सभी रोडवेज डिपो महाप्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि बसों को नियमित रूप से सेनेटाइज किया जाए। बिना मास्क के किसी भी सवारी की बस में यात्ना न करने दी जाए। जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उन्हें ही सफर करने की इजाजत होगी।

हरियाणा सरकार द्वारा 800 नई बसों की खरीद के जो आदेश दिए हुए हैं, उनमें से 50 बस रोडवेज बेड़े में शामिल हो गई हैं। सभी बस डिपो और सब डिपो से डिमांड मांगी गई है ताकि जरूरत के अनुसार नई बसों को डिपो में भेजा जा सके।

800 बस चरणबद्ध तरीके से परिवहन बेड़े में शामिल होंगी। नई बसों में हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। बस की आखिरी सीट हाइड्रोलिक होगी ताकि रात के समय चालक या परिचालक को सोने में किसी तरह की दिक्कत न रहे।