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हरियाणा में ये टोल एक साल बाद हुआ शुरु, चंडीगढ़ समेत कई जगहों पर सफर होगा महंगा

Newz Fast, Chandigarh रोहतक वासियों के लिए चंडीगढ़ तक का सफर एक साल बाद फिर महंगा हो गया है, क्योंकि रोहद, डीघल व मदीना के बाद मकड़ौली टोल भी चालू हो गया है।
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Toll Plaza Rate

अब फास्ट टैग लगाने पर कार के एक तरफ के 140 रुपये देने होंगे, जबकि बिना फास्ट टैग दोगुनी राशि टोल प्रबंधन वसूल करेगा। अब तक फ्री में वाहन चालक गुजर रहे थे।

शुक्रवार से टोल कंपनी ने वाहन चालकों से वसूली शुरू कर दी। वहीं शनिवार को टोल पर आसपास के ग्रामीणों की पंचायत हुई और 17 गांवों के लिए टोल फ्री सुविधा मांगी। टोल के स्थानीय अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन से बात कर दो दिन में उचित निर्णय लेने का भरोसा दिया।

जिले में चारों तरफ मुख्य मार्गों पर टोल बनाए गए हैं। इसमें दिल्ली रोड पर सांपला से आगे रोहद, हिसार रोड पर मदीना व झज्जर रोड पर डीघल के पास टोल बना हुआ है। जबकि पानीपत मार्ग पर मकड़ौली के पास टोल है।

तीन कृषि कानून के विरोध में करीब एक साल किसान आंदोलन चला, जिसके चलते मकड़ौली टोल को बंद करके आसपास के ग्रामीणों द्वारा धरना दिया जा रहा था। पिछले माह केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून रद्द कर दिए।

इसके चलते किसान आंदोलन स्थगित हो गया। ऐसे में रोहद, डीघल व मदीना के बाद अब शुक्रवार को मकड़ौली टोल चालू कर दिया गया। टोल जयपुर की एक कंपनी ने संचालन के लिए लिया है। सरकार ने टोल चालू करने के साथ शुल्क में पांच से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
ये हैं मकड़ौली टोल का नया शुल्क
     वाहन     एक तरफ      24 घंटे में आना-जाना     मासिक
कार/जीप   140           210                            4640
एलसीवी    210           320                            7060
बस/ट्रक     425           640                           14175
भारी वाहन 640           960                            21345
नोट : टोल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अगर फास्ट टैग नहीं है तो दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। ऐसे में सभी फास्ट टैग लगवाएं।

टोल पर हुई पंचायत, 17 गांवों के लिए मांगा फ्री सफर
शनिवार को आसपास के गांवों की एक पंचायत टोल पर हुई, जिसमें मुख्य तौर पर राजू मकड़ौली, धामड़ गांव के सरपंच वजीर, अशोक जसिया, उमेद सिंह रिठाल पूर्व सरपंच, निशु सरपंच जसिया, रणधीर किसान यूनियन जिला प्रधान धामड़ और 70 के करीब ग्रामीण मौजूद रहे।

डीएसपी मुख्यालय सज्जन सिंह भी मौके पर पहुंचे। टोल संचालन कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। ग्रामीणों ने 17 गांवाें की सूची टोल कंपनी को सौंपी।

मांग की कि उक्त ग्रामीणों के निजी वाहनों को फ्री में निकाला जाए, जबकि कामर्शियल वाहनों के जीरो पास बनाए जाएं। साथ ही किसान यूनियन की गाड़ी से भी शुल्क न लिया जाए। कंपनी के मैनेजर ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिया।