Newz Fast, New Delhi, Haryana Cabinet News : हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय में विभागों और कामकाज का नया बंटवारा किया गया है। यह बदलाव मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद किया गया है।
अरुण गुप्ता के पास पहले कई महत्वपूर्ण विभागों और मुख्यमंत्री की घोषणाओं की निगरानी से जुड़ी जिम्मेदारियां थीं। उनके रिटायरमेंट के बाद CMO में कार्यों को दोबारा बांटा गया है ताकि प्रशासनिक कामकाज और विभागीय समन्वय प्रभावित न हो।
नए work allocation में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर CMO के overall in-charge बने रहेंगे। वहीं Deputy Principal Secretaries यशपाल और अजय कुमार को विभागीय जिम्मेदारियों के साथ अलग-अलग policy और monitoring-related काम सौंपे गए हैं।
CMO में बदलाव क्यों हुआ?
CMO में यह पुनर्वितरण अरुण कुमार गुप्ता के रिटायरमेंट के बाद किया गया है। गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव होने के साथ कई प्रमुख विभागों का समन्वय संभाल रहे थे।
उनके जाने के बाद विभागों को अलग-अलग अधिकारियों में बांटा गया ताकि फाइलों, cabinet matters, मुख्यमंत्री घोषणाओं, विभागीय समीक्षा और public grievance से जुड़े काम समय पर पूरे हो सकें।
यह बदलाव मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा नहीं है। यह मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त अधिकारियों के बीच administrative work allocation से जुड़ा बदलाव है।
राजेश खुल्लर के पास कौन-सी जिम्मेदारियां रहेंगी?
मुख्यमंत्री के Chief Principal Secretary राजेश खुल्लर CMO के overall in-charge बने रहेंगे। उनके पास प्रमुख प्रशासनिक, नीति-निर्माण, विधायी और समन्वय से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी रहेगी।
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राजेश खुल्लर से जुड़े प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
- मुख्यमंत्री कार्यालय का समग्र प्रशासनिक नियंत्रण
- मुख्यमंत्री के लिए महत्वपूर्ण नीति मामलों का समन्वय
- legislative matters
- ऐसे विषय जो किसी अन्य अधिकारी को विशेष रूप से नहीं दिए गए हों
- प्रमुख विभागों से जुड़ी समीक्षा और निर्णय प्रक्रिया
- मुख्यमंत्री स्तर पर आने वाले महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्ताव
राजेश खुल्लर CMO और विभागों के बीच coordination की प्रमुख भूमिका निभाते रहेंगे।
यशपाल को कौन-से विभाग मिले?
Deputy Principal Secretary to Chief Minister यशपाल को कई विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभाग दिए गए हैं।
उनके जिम्मे सामान्य रूप से ये विभाग और काम शामिल हैं:
अधिकारी
प्रमुखजिम्मेदारियां
यशपाल, Deputy Principal Secretary
Development & Panchayats
Public Health Engineering
School Education
Sports
Architecture
Archives
Printing & Stationery
Tourism से जुड़े कुछ समन्वय कार्य
अन्य सौंपे गए विभागीय विषय
यशपाल का कार्यक्षेत्र ग्रामीण विकास, शिक्षा और जनसुविधा से जुड़े विभागों के समन्वय में महत्वपूर्ण रहेगा।
अजय कुमार को क्या जिम्मेदारियां मिलीं?
Deputy Principal Secretary अजय कुमार को सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, चुनाव और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अधिकारी
प्रमुखजिम्मेदारियां
अजय कुमार, Deputy Principal Secretary
Cooperation
Elections
Fisheries
Foreign Cooperation
Minor Irrigation
Sainik एवं Ardh Sainik Welfare
Women & Child Development
Kurukshetra Development Board
Budget Announcements Monitoring
Flagship Schemes Monitoring
अजय कुमार मुख्यमंत्री की budget announcements और flagship schemes की निगरानी से जुड़े काम भी देखेंगे। इससे सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा CMO स्तर पर की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की निगरानी कौन करेगा?
मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यान्वयन, public grievance और CM Window से जुड़े कार्य अलग-अलग अधिकारियों के बीच बांटे गए हैं।
CMO में इस तरह का विभाजन इसलिए किया जाता है ताकि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित विकास कार्य, राहत सहायता, शिकायतों और विभागीय रिपोर्टों की नियमित monitoring हो सके।
अधिकारी
प्रमुखकार्य
विवेक कालिया, OSD to CM
CM Window और Jan Samvad
राकेश संधू, OSD to CM
CM Window और grievances
सुधांशु गौतम, OSD to CM
मुख्यमंत्री राहत कोष, HRDF, online transfer policy और अन्य प्रशासनिक कार्य
अजय कुमार, Deputy Principal Secretary
Budget announcements और flagship schemes monitoring
CM Window और grievance से जुड़े कार्यों का अलग-अलग अधिकारियों के पास होना यह दिखाता है कि सरकार जन शिकायतों और public feedback की monitoring को अलग स्तरों पर व्यवस्थित रखना चाहती है।
अरुण कुमार गुप्ता के रिटायरमेंट का असर
अरुण कुमार गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव थे और उनके पास कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। उनके रिटायरमेंट के बाद यह जरूरी था कि विभागीय फाइलों, मुख्यमंत्री घोषणाओं, policy matters और inter-departmental coordination में किसी तरह की देरी न हो।
नए work allocation के बाद विभागों को senior अधिकारियों के बीच बांटकर CMO का कामकाज जारी रखने की व्यवस्था की गई है।
यह बदलाव यह भी बताता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में जिम्मेदारियों को केवल एक अधिकारी तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न अधिकारियों के बीच बांटकर monitoring और decision-making को व्यवस्थित किया जा रहा है।
क्या मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं?
नहीं। CMO में अधिकारियों के बीच काम का बंटवारा और मंत्रिपरिषद में विभागों का आवंटन अलग बातें हैं।
इस बदलाव का संबंध मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से है। इसमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, मुख्य प्रधान सचिव, Deputy Principal Secretaries और OSD स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग विभागीय फाइलों, योजनाओं, शिकायतों और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
मंत्रियों के विभागों में बदलाव की कोई पुष्टि इस work allocation के आधार पर नहीं की जानी चाहिए।
हरियाणा CMO में नई व्यवस्था का क्या असर हो सकता है?
CMO में विभागों का स्पष्ट बंटवारा होने से इन क्षेत्रों में कामकाज को गति मिल सकती है:
- मुख्यमंत्री घोषणाओं की monitoring
- बजट घोषणाओं की प्रगति
- flagship schemes की समीक्षा
- public grievance handling
- CM Window से आई शिकायतों का निपटारा
- विभागीय फाइलों का समन्वय
- महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शिक्षा और जनसुविधा से जुड़े मामलों की समीक्षा
- प्रशासनिक जवाबदेही और reporting व्यवस्था
हालांकि किसी भी प्रशासनिक बदलाव का वास्तविक असर आने वाले समय में विभागीय कामकाज, निर्णय लेने की गति और public service delivery से स्पष्ट होगा।








