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केंद्र सरकार बेच रही सस्ता सोना, 14 जनवरी तक है मौका, जानें क्या है रेट, कैसे करेंगे खरीदारी

Newz Fast, New Delhi नए साल की शुरुआत में अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं तो आज से आपके पास बेहतरीन मौका है। दरअसलमोदी सरकार आज से सस्ता सोना बेचने जा रही है।
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अगर आप सस्ता सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। मोदी सरकार आज से सस्ता सोना बेचने जा रही है। हालांकि, यह भौतिक रूप में नहीं होगा लेकिन इसे गोल्ड बॉन्ड के रूप में बेचा जाएगा।

नए साल की शुरुआत में अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं तो आज से आपके पास बेहतरीन मौका है। दरअसलमोदी सरकार आज से सस्ता सोना बेचने जा रही है। बता दें आपको यह सोना फिजिकल रूप में नहीं मिलेगा। आपको सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2021-22 के तहत 10 से 14 जनवरी तक सोने में निवेश का मौका मिलेगा।

खरीदारी से पहले जानें महत्वपूर्ण बातें

भारत सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की यह नौवीं सीरीज है 

खरीदारी के लिए पांच दिनों तक यानी 14 जनवरी तक आपको मौका मिलेगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने योजना के लिए भाव ₹4,786 प्रति ग्राम तय किया है।

केंद्र सरकार ने  ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को मूल्य से 50 रुपये प्रति ग्राम कम की छूट देने का फैसला किया है 

आवेदन के खिलाफ भुगतान डिजिटल मोड के माध्यम से किया जाता है 

इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है।

बॉन्ड को बेचने के बाद पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50% का निश्चित ब्याज मिलता है। 

यह राशि प्रत्येक छह महीने में आपके खाते में पहुंच जाता है। 

इस योजना में स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।

निवेश करने के लिए आपके पास पैन कार्ड होना जरूरी है। 

बॉन्ड 1 ग्राम की मूल इकाई के साथ सोने के ग्राम के गुणकों में अंकित होते हैं। 

गोल्ड बॉन्ड के लिए सोने का भाव, भारतीय सर्राफा एवं आभूषण संघ लिमिटेड द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के औसत के बराबर होगा। 

ये बॉन्ड सभी बैंकों, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड , नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड  और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के माध्यम से बेचे जाएंगे।
 

बॉन्ड की अवधि आठ वर्षों की होती है और निवेशकों के पास पांचवें वर्ष के बाद बाहर निकलने का विकल्प होता है, जिसका प्रयोग अगली ब्याज भुगतान तिथियों पर किया जाता है।
 

मालूम हो कि वर्ष 2015 में शुरू एसजीबी योजना से मार्च 2021 के अंत तक कुल 25,702 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। रिजर्व बैंक ने 2020-21 के दौरान 16,049 करोड़ रुपये (32.35 टन) की कुल राशि के एसजीबी की 12 श्रृंखलाएं जारी की थीं। इस योजना की शुरुआत सोने की भौतिक मांग में कमी लाना और इसकी खरीद में इस्तेमाल होने वाली घरेलू बचत को वित्तीय बचत में स्थानांतरित करने के लिए की गई थी।

उपभोक्ताओं की शिकायतों की प्रक्रिया में अधिक सुधार के लिए प्राप्ति कार्यालय (आरओ) का नोडल अधिकारी पहला संपर्क बिंदु होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यहां प्राप्ति कार्यालय से तात्पर्य बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एससीएचआईएल), निर्धारित डाक कार्यालय और मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों (एनएसई और बीएसई) से है।

अगर मुद्दे का समाधान नहीं होता है, तो आरओ में प्रसार ढांचे के जरिए उपभोक्ताओं की शिकायत का निपटान किया जाएगा।

वहीं अगर शिकायत दर्ज करने के एक महीने के अंदर जवाब नहीं आता है, या निवेशक आरओ के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह sgb@rbi.org.in पर रिजर्व बैंक से शिकायत कर सकते हैं।