बागवानी:गर्मियों में सलाद के लिए वाटिका तैयार करना फ़ायदेमंद है

गर्मी के मौसम में घर की बगिया में सलाद और चटनी वाली सब्ज़ियां लगाएं, तो भोजन के चटपटे, सेहत-भरे संगी के लिए बस हाथ बढ़ाने भर की ज़रूरत होगी।
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Newz Fast, जब मन हो तब सलाद की उपलब्धता हो जाती है, कैसे तैयार करें जानिए

कच्ची सब्जि़यां एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। वाटिका के लिए ऐसी सब्ज़ियों का चयन करना चाहिए, जो कम समय और कम देखरेख में तैयार हो जाएं। वाटिका में सब्ज़ियां उगाने का लाभ है कि हमें ताज़ी और पौष्टिक सब्ज़ियां हर वक़्त मिल जाती हैं।

घर में पुरानी ट्रे, पुरानी बाल्टी, टब, पुराने डिब्बे, टायर, ख़ाली ड्रम और क्यारियों में सब्ज़ियां उगा सकते हैं।

 

टमाटर को सलाद और चटनी के लिए सालभर उगा सकते हैं। इसे बीज द्वारा उगाया जा सकता है। इसके पौधों को गमलों और क्यारियों में लगा सकते हैं। पौधे बड़े हो जाने के बाद इसकी जड़ों को मिट्‌टी से ढक दें।

टमाटर के पौधे में फूल आने के समय इसमें 10-12 दिनों के अंतराल पर पानी दें, क्योंकि इस अवस्था में अधिक पानी देने से फूल झड़ जाते हैं। टमाटर के पौधे ज़मीन में बोने के 40 से 50 दिनों के बाद फल देना शुरू कर देते हैं।

पुदीना को जड़, कलमों व तना कटिंग के माध्यम से मार्च-अप्रैल माह में लगा सकते हैं। इसके पौधे छोटे और फैलने वाले होते हैं जिन्हें आसानी से गमलों में उगाया जा सकता है। पुदीना लगाने के 25-30 दिनों के बाद इसकी पत्तियां इस्तेमाल कर सकते हैं।

यदि पुदीना के आसपास खरपतवार उग रहे हों तो उन्हें निकाल दें। इसके पौधों को पर्याप्त पानी दें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। पुदीना गर्मियों के मौसम में बेहद काम आता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है।

हरा धनिया सालभर बीज द्वारा उगाया जा सकता है। इसके बीज गमलों, कंटेनर या क्यारियों में डाल दें। बीज बोने से लेकर खाने के लिए धनिया तैयार होने में कुल 40-45 दिन का समय लगता है।

गर्मियों में इसके पौधों में नमी बनाए रखने भर का पानी दें और जलभराव बिल्कुल न होने दें, क्योंकि अधिक पानी देने से जड़ें सड़ जाती हैं। इसकी छोटी पत्तियां और तने को काटकर ताज़ी पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

शिमला मिर्च के बीज को गमले या खाली ज़मीन में बुवाई कर दें। इसके पौधे 10-12 दिन में उग आते हैं। पौधे उगने के बाद यह ध्यान रखें कि यदि गमला छोटा हो तो एक या दो पौधों को ही रहने दें, बाकी के पौधों को अलग गमलों, पुरानी बाल्टी, टब, खाली ड्रम या क्यारियों में रोप दें।

इसके पौधों में फल 60-65 दिन में लगने लगते हैं। पौधों को बहुत अधिक पानी न दें। अधिक पानी के कारण जड़ें सड़ने का खतरा रहता है।

लैट्यूस काे सलाद का पत्ता भी कहा जाता है। लैट्यूस को घर पर बीज द्वारा उगा सकते हैं। इसे फरवरी से अप्रैल और सितंबर से नवंबर के महीनों में लगा सकते हैं। लैट्यूस के बीज को छोटे गमलों, पॉली बैग या ट्रे में पहले बो देंं, इसके 3 से 4 सप्ताह बाद तैयार पौध को क्यारी या गमले में प्रत्यारोपित कर दें।

इसके पौधे को कम धूप और कम तापमान की आवश्यकता होती है। पानी की ज़रूरत भी कम पड़ती है। इसीलिए जब गमले की मिट्टी सूखी लगने लगे तभी उसमें पानी डालें। इसका पौधा लगाने के लगभग 45-55 दिन बाद उपयोग करने लायक हो जाता है।