आखिर क्यों डॉक्टर्स सफेट और वकील पहनते हैं काला कोट? जानिए वजह

इसमें यूनिफॉर्म का अपना एक अहम योगदान होता है. जैसे एक पुलिस वाले को हम उसके यूनिफार्म से पहचान सकते है. उसी प्रकार एक वकील की पहचान उसके काले कोट से और एक डॉक्टर की पहचान उसके सफेद कोट से की जा सकती है.

 | 
doctor

Newz Fast, New Delhi एक इंसान का चाहे कोई भी प्रोफेशन क्यों ना हो, उसके प्रोफेशन को अलग से दर्शाने के लिए उसकी एक अलग पहचान तय की जाती है.

इसमें यूनिफॉर्म का अपना एक अहम योगदान होता है. जैसे एक पुलिस वाले को हम उसके यूनिफार्म से पहचान सकते है. उसी प्रकार एक वकील की पहचान उसके काले कोट से और एक डॉक्टर की पहचान उसके सफेद कोट से की जा सकती है.

क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि आखिर क्यों एक वकील काला और डॉक्टर सफेद कोर्ट पहनते हैं. अगर नहीं, तो आइये आज हम आपको बताते हैं कि आखिर इसके पीछे क्या राज है.

तो इसलिए डॉक्टर्स पहनते हैं सफेद कोर्ट...
काले और सफेद कोट पहनने के पीछे की मुख्य वजह यह है की डॉक्टर और वकील के कामों में अंतर्विरोधी प्रवृत्ति होती है. डॉक्टर सफेद रंग का कोट इसलिए पहनते हैं क्योंकि सफेद रंग को स्‍वच्‍छता का प्रतीक माना जाता है.

इसके अलावा यह रंग ईमानदारी, पवित्रता और ईश्वरत्व का प्रतिनिधित्व भी करते हैं और डॉक्‍टर्स के प्रोफेशन में यह सभी चीजें बहुत मायने रखती हैं. इसके अलावा कई अन्य कारण भी हैं, जो नीचे दिए गए हैं.

सफेद कोर्ट पहनने का महत्व 
1. चिकित्सा में साफ-सफाई को काफी महत्व दिया जाता हैं, डॉक्टर्स और नर्सेस इसलिए भी सफेद कोट पहनते हैं क्योकि अगर थोड़ी सी भी गंदगी उनके कपड़ो पर लग जाए तो उसका आसानी से पता लग सके. 
2. सफेद कोट के कारण डॉक्टर्स को भीड़ में आसानी से पहचाना जा सकता है, जो इमरजेंसी के समय बेहद कारगर सबित होता है.
3. सफेद रंग के कोट की वजह से शरीर का तापमान भी सामान्य रहता है.
4. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सफेद रंग के कपड़े पहनने से दिमाग शांत रहता है और डॉक्टर्स के लिए उनके काम के लिहाज से उनका दिमाग हमेशा शांत रहना चाहिए.

वकीलों द्वारा काला कोट पहनने की यह है अहम वजह
वहीं वकीलों और न्यायधीशों द्वारा काला कोट पहनने का कारण यह है कि काला रंग एक ऐसा रंग है जिस पर कोई अन्य रंग नहीं चढ़ सकता. मतलब यह कि न्यायधीशों द्वारा दिया गया निर्णय अंतिम निर्णय माना जाता है, जिसे बदला नही जा सकता.

वहीं वकीलों के लिए इसका मतलब यह है कि वे अपनी राय, विचार और कानूनी प्रक्रियाओं की व्याख्या करते समय विवेक और धैर्य से काम ले और न्यायपूर्वक फैसले के लिए काम करें, जिससे कभी भी किसी के साथ अन्याय ना हो सके.