What is Bulli Bai?: जानिए आखिर क्या है 'bulli bai' एप, जिस पर नाराज हैं मुस्लिम महिलाएं, धरपकड़ में लगी हुई है पुलिस

Newz Fast, New Delhi बुल्ली बाई नाम के एप को लेकर उठा यह विवाद, पिछले जुलाई में 'सुल्ली डील' के जैसा ही, जिसमें लगभग 80 मुस्लिम महिलाओं को 'ऑनलाइन बिक्री के लिए' रखा गया था।
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Bulli Bai App Case

Bulli Bai Case 

Bulli Bai App Case

नए साल के सप्ताहांत के दौरान, कई महिलाओं, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें कैप्शन 'आज की आपकी बुल्ली बाई है' के साथ आपकी ट्विटर टाइमलाइन पर बाढ़ आ गई होगी। अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर #BulliBai #BulliDeals, #SulliDeals जैसी तस्वीरें और हैशटैग क्या हैं? आखिर इसमें गिरफ्तारी क्यों हो रही है? तो हम आपको यहां विस्तार से बताने जा रहे हैं...

जानिए क्या है 'बुल्ली बाई' ऐप विवाद?

  • बुल्ली बाई(Bulli Bai App) लोगों को बरगलाने और वित्तीय लाभ कमाने के लिए देश भर में एक संदिग्ध समूह (उनमें से अधिकांश की पहचान अभी बाकी है) द्वारा विकसित एक एप है।
  • एप को बनाने के पीछे का मकसद भारतीय महिलाओं (ज्यादातर मुस्लिम) की नीलामी के लिए रखना और बदले में पैसा कमाना है।
  • 'बुल्ली बाई' एप माइक्रोसॉफ्ट के मालिकाना हक वाली ओपन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट साइट GitHub पर बनाया गया था।
  • बुल्ली बाई जैसी घटनाओं में, साइबर अपराधी इंटरनेट से लोकप्रिय महिलाओं, सेलेब्स, प्रभावशाली लोगों, पत्रकारों आदि की तस्वीरें लेते हैं और उनका उपयोग अपने वित्तीय लाभ के लिए करते हैं।
  • ये ऑनलाइन स्कैमर्स सोशल मीडिया अकाउंट से इन महिलाओं की तस्वीरें चुराते हैं और उन्हें प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कर देते हैं। इसलिए इन महिलाओं को हमेशा अपनी प्रोफाइल को लॉक करके रखना चाहिए या अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट रखना चाहिए।
  • एप पर प्रोफाइल में पीड़ितों की फोटो और दूसरे पर्सनल डिटेल शामिल थे, जो महिलाओं की सहमति के बिना बनाई गई और शेयर किए जा रहे थे।
  • ट्विटर पर बुल्ली बाई एप से कई पोस्ट शेयर होने के तुरंत बाद, सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे अपमानजनक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया।

बुल्ली बाई एप मामले में बड़ी कार्रवाई

फिलहाल बुल्ली बाई एप मामले में दो छात्रों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक मुंबई का और एक बेंगलुरु का है। इसके अतिरिक्त, इससे पहले मंगलवार को इस मामले में उत्तराखंड की एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार महिला का नेपाल कनेक्शन

Bulli Bai एप मामले में मुंबई पुलिस ने उत्तराखंड की रहने वाली 18 साल की युवती को उधम सिंह नगर जिले से गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब एक अहम खुलासा हुआ है। सूत्रों की माने तो आरोपी युवती श्वेता सिंह कथित तौर पर नेपाल में स्थित एक सोशल मीडिया के मित्र के निर्देश पर काम कर रही थी। सूत्रों के अनुसार श्वेता सिंह से मिली प्राथमिक जानकारी से पता चला है कि जियाउ नाम का एक नेपाली नागरिक एप पर उसे निर्देशित कर रहा था। मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने मास्टरमाइंड श्वेता सिंह के लिए 5 जनवरी तक ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी।


'बुल्ली बाई' एप को गिटहब पर बनाया गया था, जानें क्या है Github

'बुल्ली बाई' एप को गिटहब पर बनाया गया है। यह एक होस्टिंग प्लेटफॉर्म है जहां पर ओपन सोर्स कोड का भंडार रहता है, लेकिन अब गिटहब और इस पर बनाए जा रहे ऐसे एप्स को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।

गिटहब ने किया यूजर को ब्लॉक

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुल्ली बाई एप यूजर को गिटहब द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि गिटहब की ओर से खुद रविवार सुबह यूजर को ब्लॉक करने सूचना दी गई है। 

सुल्ली डील क्या है?

सुल्ली महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द है। चार जुलाई, 2021 को ट्विटर पर सुल्ली डील्स के नाम से कई स्क्रीनशॉट साझा किए गए थे। इस एप में एक टैग लाइन लगी थी, 'सुल्ली डील ऑफ द डे' और इसे मुस्लिम महिलाओं की फोटो के साथ शेयर किया जा रहा था। खास बात यह निकलकर आई कि इसे गिटहब पर एक अज्ञात समूह द्वारा बनाया गया था।