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'जब से हुई है शादी, आंसू बहा रहा हूं, आफत गले पड़ी है, जिसको निभा रहा हूं', गाना गाते ही फूट-फूटकर रोने लगा शख्स

Newz Fast, MP ग्वालियर में एक शख्स अपनी पत्नी से इतना प्रताड़ित हो गया कि उसे मदद के लिए पुलिस के पास जाना पड़ा. साथ ही पीड़ित ने पुलिस के सामने एक गाना भी गाने लगा. जब से हुई है शादी आंसू बाह रहा हूं, आफत गले पड़ी है उसे निभा रहा हूं. पुलिस ने पीड़ित को हर संभव मदद का दिया भरोसा.

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक शख्स अपनी पत्नी से इतना प्रताड़ित हो गया कि उसे मदद के लिए पुलिस के पास जाना पड़ा. साथ ही पीड़ित पुलिस के सामने एक गाना भी गाने लगा.  एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि पीड़ित युवक मानसिक रूप से काफी परेशान है उसकी हर संभव मदद करने की कोशिश की जाएगी.

पत्नी की शिकायत लेकर एसपी के पास पहुंचा शख्स 

पीड़ित धर्मेंद्र पॉल ने बताया कि वो अपने पूरे परिवार और बच्चों से बेहद खुश है. उसके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है, उसकी पत्नी और सुसराल वाले उसे बेहद परेशान करते हैं. पत्नी मुझे ठीक से खाना नहीं देती है और अनाप-शनाप बोलकर गालियां देती है. फिर पीड़ित ने पुलिस के सामने एक गाना गया कि जब से हुई है शादी आंसू बाह रहा हूं, आफत गले पड़ी है उसे निभा रहा हूं. 

धर्मेंद्र ने बताया कि 1998 में पिताजी की मौत हुई. उनकी जगह पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी.  2016  में  अनिता से शादी हुई. कुछ ही  दिन  बाद पत्नी और उसके मायकेवाले प्रताड़ित करने लगे. सबसे बड़ी परेशानी यह कि उनकी विधवा मां की कोई पेंशन नहीं है. मैं प्रतिमाह उन्हें 4 हजार रुपये दे रहा हूं, कलेक्टर साहब ने आदेश दिए थे, शादी से पहले उनकी मां के पास पूरी अथॉरिटी थी. 

मां को प्रतिमाह देता हूं 4 हजार पेंशन 

पत्नी ने उसके जीपीएफ का पूरा पैसा निकालकर अपने पर्सन अकाउंड में डलवा लिया है. मेरी भांजी की शादी है और अब वो मुझे पैसे देने से इंकार कर रही है. मुझे जान से मारने की धमकी दे रही है. मैंने थाने में शिकायत नहीं है कि साल 2020 में समझौता कराकर मैं पत्नी को यहां लेकर चला गया था.

मुझे बोला गया था प्रतिमाह पत्नी को 10 हजार रुपये देना. मैं पत्नी और बच्चों के साथ रहना चाहता हूं. मुझे ज्वाइंट अकाउंट सिंगल चाहिए मुझे वो 90 हजार रुपये चाहिए जो उसके पर्सनल अकाउंट में डले हुए हैं  

पुलिस ने पीड़ित को दिया हर संभव मदद का भरोसा

इस मामले पर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने बताया कि वो जन सुनवाई कर रहे थे. हमेशा की तरह यहां पर काफी भीड़ लगी हुई थी. लोग अपनी अपनी समस्याएं लेकर आए थे. बिजली-पानी-सड़क, जमीन की शिकायतें थीं. उसी भीड़ में एक शख्स बैठा हुआ था. जैसे ही उसने बोलना शुरू किया मैं सारी बातें भूलकर उसे सुनने लगा.

परेशान शख्स की शिकायत सुनने के बाद क्षेत्रीय थाना प्रभारी को मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. वो मानसिक रूप से काफी परेशान दिखाई दे रहा था, उसकी हर संभव मदद की जाएगी.