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EC Website Hack : EC की वेबसाइट हुई हैक, हजारों लोगों के फर्जी बनाए वोट

Newz Fast, New Delhi EC Website Hack निर्वाचन आयोग की वेबसाईट हैक मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (UPSTF) करेगी। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सहारनपुर का यह प्रकरण सहारनपुर पुलिस के संज्ञान में आया था।...
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EC Website Hack : EC की वेबसाइट हुई हैक, हजारों लोगों के फर्जी बनाए वोट

Newz Fast, New Delhi

EC Website Hack

निर्वाचन आयोग की वेबसाईट हैक मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (UPSTF) करेगी।  एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सहारनपुर का यह प्रकरण सहारनपुर पुलिस के संज्ञान में आया था।

उस पर तत्काल वहीं पर अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसमें एक अभियुक्त की गिरफ्तारी भी की गई थी। EC Website Hack

उन्होंने कहा कि वहां के स्थानीय पुलिस प्रशासन का यह मत है कि यह संवेदनशील मामला है और इसकी जांच किसी अन्य एजेंसी से करा ली जाए।

EC Website Hack : EC की वेबसाइट हुई हैक, हजारों लोगों के फर्जी बनाए वोट

ऐसे में शासन स्तर से निर्णय लिया गया है कि इस पूरे प्रकरण की विवेचना एसटीएफ के द्वारा कराई जाए ताकि इसके सभी पहलु उजागर हो सकें कि किन परिस्थितियों में और कैसे यह चीजें की गई। EC Website Hack

कैसे वेबसाइट हैक करके कुछ लोगों के वोटर कार्ड बनाए गए हैं? या उसमें संशोधन किए गए। इन सभी चीजों की गहराई से छानबीन की जा रही है। EC Website Hack

क्या है पूरा मामला- 

निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक दो तीन हफ्ते पहले आयोग में मतदाता सूची अपडेट रखने वाले विभाग के आला अधिकारियों को अपने मेल अकांउट और वेबसाइट ऑपरेशन के दौरान कुछ गड़बड़ी होने की आशंका हुई।

पहले तो उनको अपने ऊपर ही शक हुआ कि ये वाकई हो रहा है या कोई टेक्निकल ग्लिच यानी लोचा है। लेकिन अधिकारियों के बीच आपस में बातचीत से पता चला की कई अधिकारियों के साथ यही हो रहा है।  EC Website Hack

आनन फानन में ये बात आयोग की आईटी सेल के विशेषज्ञों को बताई गई। एक्सपर्ट की टीम सक्रिय हुई तो पता चला गड़बड़ी का केंद्र सहारनपुर जिले में है। गहराई से छानबीन हुई तो साजिश के तार सहारनपुर के नकुड़ इलाके तक पहुंचे।

EC Website Hack : EC की वेबसाइट हुई हैक, हजारों लोगों के फर्जी बनाए वोट

फिर एक कंप्यूटर तक। इसकी सूचना सहारनपुर जिला प्रशासन और पुलिस को दी गई। आयोग के आईटी सेल के अधिकारी और जिला पुलिस की अपराध शाखा की साझा टीम ने छापेमारी कर विपुल सैनी को धर दबोचा।  EC Website Hack

पूछताछ के दौरान उसने सारा गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों को पता चला कि आरोपी विपुल सैनी चुनाव आयोग की वेबसाइट में उसी पासवर्ड के जरिए लॉगइन करता था, जिसका इस्तेमाल आयोग के अधिकारी करते थे। उसने अधिकारियों के पासवर्ड तक हैक कर रखे थे।

करीब तीन महीने से वो ये गोरखधंधा कर रहा था। इस दौरान उसने दस हजार से ज्यादा फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाए। प्रत्येक पहचान पत्र के लिए उसे अमूमन सौ से तीन सौ रुपए तक मिलते थे। पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद उसके बैंक खाते से 60 लाख रुपए जमा मिले। EC Website Hack