घनश्याम सैनी की बदमाशों ने कर दी हत्या, मागीं थी करोड़ों की फिरौती, जानिए पूरा मामला

राखी कारोबारी घनश्याम सैनी से बदमाशों ने पहले 10 करोड़ की रंगदारी मांगी थी लेकिन बाद में फिर 40 लाख पर आ गये थे.राखी कारोबारी घनश्याम सैनी से बदमाशों ने पहले 10 करोड़ की रंगदारी मांगी थी लेकिन बाद में फिर 40 लाख पर आ गये थे.
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Newz Fast,Alwar अलवर के घनश्याम सैनी मर्डर केस का खुलासा: अलवर पुलिस ने 29 जुलाई को हुये राखी कारोबारी घनश्याम सैनी हत्याकांड (Businessman Ghanshyam Saini murder case) का खुलासा कर इस मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है.

इनमें एक बदमाश पपला गैंग (Papla gang) से जुड़ा हुआ है. इस वारदात में शामिल तीन बदमाश अभी फरार हैं. व्यापारी की हत्या रंगदारी की डिमांड पूरी नहीं करने पर की गई थी. पढ़ें ताजा अपडेट.


बदमाशों ने पहले व्यापारी का अपहरण किया फिर पीट-पीटकर मार डाला
अलवर. अलवर पुलिस ने राखी व्यापारी घनश्याम सैनी की हत्या (Businessman Ghanshyam Saini murder case) का खुलासा  कर दिया है.

हत्या की इस जघन्य वारदात को पपला गैंग (Papla gang) के बदमाशों ने अंजाम दिया था. पुलिस ने पपला गैंग के तीन बदमाशों को इस मामले में गिरफ्तार किया है.

वारदात में शामिल 3 बदमाश अभी फरार हैं. उनकी तलाश जारी है. ये बदमाश घनश्याम सैनी से 40 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे. रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने घनश्याम सैनी का अलवर से अपहरण किया. उसके बाद तिजारा के पास नौरंगाबाद गांव में ले जाकर डंडे व लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसे मार डाला.

अलवर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने हत्या की इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि इस मामले में बलजीत सिंह उर्फ बल्ली निवासी तिजारा,

अशोक उर्फ झुन्नू निवासी मुंडावर और विशाल सिंह निवासी लादिया मोहल्ला अलवर को गिरफ्तार किया गया है. बलजीत सिंह उर्फ बल्ली पपला गैंग का सदस्य है. बलजीत और अप्पू उर्फ राजा ने राखी व्यापारी घनश्याम सैनी के अपहरण कर उसके साथ मारपीट की योजना बनाई थी.


10 करोड़ की रंगदारी मांगी फिर 40 लाख तक आ गये
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि व्यापारी घनश्याम सैनी ने पपला गैंग की विरोधी गैंग चीकू गैंग की आर्थिक रूप से मदद की थी. इसको लेकर पपला गैंग के बदमाश उससे नाराज चल रहे थे.

इसी बीच बलजीत उर्फ बल्ली ने घनश्याम सैनी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी की डिमांड की. घनश्याम सैनी ने रुपये देने से मना कर दिया. उसके बाद 10 करोड़ की डिमांड धीरे धीरे घटकर 40 लाख रुपये तक आ गई. घनश्याम सैनी ने 40 लाख रुपये भी देने से मना कर दिया.


डंडे और लोहे की रॉड से जमकर की मारपीट
इसके बाद बलजीत और अप्पू ने अपने साथियों के साथ मिलकर अलवर के एरोड्रम रोड से 29 जुलाई को घनश्याम सैनी का अपहरण कर लिया.

बाद में बदमाश घनश्याम सैनी को लेकर अपने साथ किशनगढ़ के रास्ते तिजारा पहुंचे. तिजारा के नौरंगाबाद गांव के पास उन्होंने डंडे और लोहे की रॉड से घनश्याम सैनी के साथ जमकर मारपीट की.

बदमाशों ने घनश्याम के मोबाइल से एम्बुलेंस को किया फोन
इससे घनश्याम सैनी बुरी तरह से जख्मी हो गया. उसके बाद बलजीत ने घनश्याम सैनी के मोबाइल से ही 108 एम्बुलेंस को फोन किया. एम्बुलेंस नहीं पहुंचे तो बदमाश मौके से फरार हो गए.

एम्बुलेंस के नहीं पहुंचने और कोई मदद नहीं मिलने के कारण घनश्याम सैनी लहूलुहान हालत में वहां पड़ा रहा है. इस दौरान उसके शरीर से खून बहता रहा. अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई.