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PMGKAY : इस तारीख के बाद नहीं मिलेगा मुफ्त राशन, जानिये सरकार ने क्या कहा

Newz Fast, New Delhi बता दें कि पिछले वर्ष मार्च 2020 में कोविड-19 की पहली लहर से पैदा हुए संकट के चलते मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में यह योजना अप्रैल- जून 2020 के लिए शुरू की गई थी लेकिन बाद में इस योजना का विस्तार 30 नवंबर 2020 तक किया गया था।
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प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत मिलने वाली मुफ्त राशन की सुविधा 30 नवंबर तक जारी रहेगी। केन्द्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस मियाद को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। केन्द्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने बताया कि अर्थव्यवस्था में सुधार और ओएमएसएस नीति के तहत खुलें बाजार में खाद्यान्न की अच्छी बिक्री को मद्देनजर रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन वितरण योजना का नवंबर से आगे विस्तार करने का प्रस्ताव नहीं है।

बता दें कि पिछले वर्ष मार्च 2020 में कोविड-19 की पहली लहर से पैदा हुए संकट के चलते मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में यह योजना अप्रैल- जून 2020 के लिए शुरू की गई थी लेकिन बाद में इस योजना का विस्तार 30 नवंबर 2020 तक किया गया था।

लेकिन इस साल कोविड महामारी की दूसरी लहर आने पर फिर से इस योजना का मई- जून तक विस्तार कर दिया था, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने पांच महीने और नवंबर 2021 तक के लिए इस योजना को एक्सटेंशन कर दिया था ,ताकि लोगों को मुफ्त अनाज मिलता रहें और उनके सामने खानें का संकट पैदा न हो।

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लेकिन अब केन्द्र सरकार ने तर्क दिया है कि अर्थव्यवस्था में सुधार और ओएमएसएस नीति के तहत अनाज की बिक्री इस वर्ष बहुत बेहतर रही है। केन्द्र सरकार घरेलू बाजार में उपलब्धता में सुधार और कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए मुफ्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अन्तर्गत थोक उपभोक्ताओं को गेहूं और चावल दें रही है।

प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत केन्द्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 80 करोड़ राशन कार्ड धारकों को 5 किलों मुफ्त राशन की आपूर्ति करती है। राशन की दुकानों से उन्हें सब्सिडी वाले अनाज के अलावा मुफ्त राशन की सुविधा दी जा रही है। कोरोना महामारी के चलते गरीब तबके के लोगों के सामने पैदा हुए अनाज संकट से उबरने में केंद्र सरकार की यह योजना काफी कारगर साबित हुई है।