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इन गांवों में आएगा पानी का बिल, बुंद-बुंद का देना होगा हिसाब, जानें कब से लागू होगी ये योजना

पानी को लेकर भी अब लोगों को जेब ढिली करनी पड़ेगी। क्योंकि सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ताजमहल के नौ वार्ड और गांव व छावनी के कुछ हिस्सों में पानी सप्लाई के स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं।
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Water Supply

Newz Fast, New Delhi अब आप जितने पानी का प्रयोग करेंगे उसी के अनुसार आपको बिल की अदायगी करनी पड़ेगी। सरकार इस योजना के माध्यम से लोगों को सतर्क करना चाहती है कि पानी का गलत उपयोग न करें। 

आगरा स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के तहत एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (एबीडी) के तहत ताजमहल के नौ वार्ड, दो गांव और छावनी के आंशिक क्षेत्र को शामिल किया है। यहां 24 घंटे गंगाजल की आपूर्ति के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

संभवत: जुलाई से पानी की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी लेकिन यहां पानी पर मीटर की व्यवस्था होगी। जिस घर में जितनी पानी की खपत होगी उतना ही बिल का भुगतान करना होगा। स्मार्ट सिटी ने मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया है।

ताजगंज और स्मार्ट सिटी के एबीडी क्षेत्र में 17225 घरों में पानी के स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। टोरंट पावर की तरह ही घर के बाहर की दीवार पर ब्लैक बॉक्स के अंदर इलेक्ट्रोनिक स्मार्ट मीटर होगा। इसी के माध्यम से पानी रीडिंग तय होगी।

इसके जरिए हर घर की पानी की जरूरत और खर्च होने वाले पानी की ही कीमत वसूली जाएगी। आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी हर दिन औसतन 20 घरों में स्मार्ट मीटर लगाएगी। बसई, ताजगंज से स्मार्ट मीटर लगाने की शुरूआत की गई है।

एडीबी एरिया में कुल नौ वार्ड शामिल हैं लेकिन फतेहाबाद रोड के बाईं ओर क्षेत्र को छोड़कर अन्य सभी वार्डों में किसी वार्ड का 20 फीसदी हिस्सा शामिल है तो किसी वार्ड का पांच फीसदी हिस्सा ही एबीडी में लिया गया है। इसलिए इस योजना के तहत कुल 17225 घरों में मीटर से पानी की आपूर्ति की जाएगी। 

हर घर से ली जाएगी रिडींग

एबीडी एरिया में लगाए जा रहे पानी की मीटर सीधे नगर निगम में स्थापित स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े रहेंगे। इनकी रीडिंग के लिए कर्मचारियों को घर घर जाने की जरूरत नहीं होगी। कमांड सेंटर पर बैठकर ही हर घर की रीडिंग रिकार्ड की जा सकती है।

घरों के अतिरिक्त एक मीटर पानी की टंकी पर लगाया जाएगा। जिससे चोरी की संभावनाओं को खत्म किया जाएगा। टंकी पर लगा मीटर बताएगा कि कितना पानी आगे सप्लाई किया गया और घरों के मीटरों से खपत का ब्योरा मिलेगा।

स्काडा सिस्टम रोकेगा लीकेज

आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान नहीं हो और लाइनों में होने वाली लीकेज को रोकने के लिए स्काडा सिस्टम लगाया जाएगा। इस सिस्टम के माध्यम से कहीं भी पानी की लाइन लीक होगी तो कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को खबर लग जाएगी। अवैध लाइन जोड़ने या करनेक्शन पर सिस्टम पकड़ लेगा।

टैरिफ सदन तय करेगा

आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी पानी की लाइन, मीटर लगाने के बाद सप्लाई चालू करने बाद योजना को जलकल विभाग के हैंडओवर कर देगी। इसके बाद जलकल विभाग ही पानी की आपूर्ति करेगा और टैक्स लेगा।

इसलिए स्मार्ट सिटी में 24 घंटे जलापूर्ति और मीटर की व्यवस्था के बिल का टैरिफ नगर विकास विभाग के नियमों को मुताबिक तय किया जाएगा। नगर निगम सदन में टैरिफ पेश होगा। नगर निगम सदन की स्वीकृति के बाद शासन को भेजा जाएगा।