हरियाणा के पलवल में रेलवे लाइन पर विवाहिता का शव मिलने के मामले में करीब एक महीने बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर राजकीय रेलवे पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शादी के बाद दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उस पर फॉर्च्यूनर कार तथा 50 लाख रुपये लाने का दबाव था।
मृतका की पहचान सोनिया के रूप में हुई है। उसका शव 2 सितंबर 2026 को पलवल-असावटी रेलवे सेक्शन पर मिला था। मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत का हिस्सा हैं और पुलिस उनकी जांच कर रही है।
2020 में हुई थी सोनिया की शादी
सोनिया के पिता बीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी की शादी 16 फरवरी 2020 को पलवल के कल्याण एन्क्लेव निवासी संदीप के साथ हुई थी।
परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर सोनिया पर दबाव बनाया जाने लगा। शिकायत के अनुसार, परिवार की ओर से शादी के समय एक कार और अन्य सामान भी दिया गया था।
जनवरी 2021 में सोनिया ने एक बेटी को जन्म दिया। पिता का आरोप है कि इसके बाद भी विवाद और कथित दहेज की मांग खत्म नहीं हुई।
फॉर्च्यूनर और 50 लाख रुपये मांगने का आरोप
पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सोनिया से फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये नकद लाने के लिए कहा जाता था।
इतना ही नहीं, शिकायत में मायके की संपत्ति को लेकर भी दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। पिता का दावा है कि सोनिया समय-समय पर परिवार को अपनी परेशानी के बारे में बताती थी।
ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस जांच पूरी होने से पहले इन्हें सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
परिवार ने पहले भी रुपये और सोना देने का किया दावा
शिकायत में पिता ने दावा किया है कि बेटी का वैवाहिक जीवन बचाने के लिए परिवार की ओर से कई बार समझौते के प्रयास किए गए।
उनके मुताबिक, एक समय पांच तोला सोना और 10 लाख रुपये दिए गए। बाद में पंचायतों के माध्यम से भी विवाद सुलझाने की कोशिश की गई।
परिवार ने शिकायत में बाद में 25 लाख रुपये दिए जाने का भी दावा किया है। पुलिस अब इन कथित आर्थिक लेनदेन सहित शिकायत में दर्ज पुराने घटनाक्रम की जांच कर रही है।
2 सितंबर को रेलवे ट्रैक पर मिला शव
मामले ने गंभीर मोड़ 2 सितंबर को लिया। उसी दिन पलवल-असावटी रेलवे लाइन पर सोनिया का शव मिला।
रेलवे पुलिस को स्टेशन मास्टर के माध्यम से शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई की गई।
बाद में शव की पहचान सोनिया के रूप में हुई।
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पोस्टमार्टम में चोटों के कारण शॉक और रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है। मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटनाक्रम में किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका थी या नहीं, यह पुलिस जांच का विषय है।
जन्मदिन से पहले कार के लिए दबाव का आरोप
सोनिया के पिता ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि 2 सितंबर को उसके पति के जन्मदिन से पहले फॉर्च्यूनर कार को लेकर दबाव बढ़ गया था।
परिवार के अनुसार, सोनिया ने 31 अगस्त को अपने माता-पिता को इस बारे में बताया था। इसके बाद परिवार ने कथित तौर पर मामले को सुलझाने की कोशिश की।
दो दिन बाद रेलवे लाइन पर सोनिया का शव मिलने की सूचना परिवार को मिली।
पति समेत छह लोगों के खिलाफ मामला
पिता की शिकायत के आधार पर राजकीय रेलवे पुलिस ने पति संदीप सहित ससुराल पक्ष से जुड़े छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित आर्थिक लेनदेन, पहले हुए पारिवारिक विवाद और सोनिया की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
मामले में किसी आरोपी का दोष अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
अब जांच में किन सवालों पर रहेगी नजर?
इस मामले में सबसे अहम सवाल सोनिया की मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर है। पुलिस को शिकायत में बताए गए कथित दहेज संबंधी विवाद, परिवार द्वारा बताए गए आर्थिक लेनदेन और मौत से पहले के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी होंगी।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी से मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।








