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Haryana Property Owners : हरियाणा के संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने खास सिस्टम किया लागू

Haryana Property Owners : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है।

Haryana Property Owners

Newz Fast, New Delhi Haryana Property Owners : इसके तहत पिछले छह महीनों के भीतर लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और अब राज्य भर में एक ‘ऑटो-म्यूटेशन’ प्रणाली लागू की जा रही है।

इन सुधारों के बारे में अधिक जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह पहल राजस्व सेवाओं की डिलीवरी में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है।

इसे भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस सुधार प्रक्रिया की प्रमुख उपलब्धियों में से एक सभी पुराने दाखिल-खारिज रिकॉर्डों का एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफल माइग्रेशन (स्थानांतरण) रहा है।

इस ऐतिहासिक डेटा के एकीकरण ने अधिकारियों को वास्तविक समय (रियल-टाइम) में जिलों के दाखिल-खारिज मामलों की निगरानी करने और पूरे राजस्व प्रशासन प्रणाली में जवाबदेही को बेहतर बनाने में सक्षम बनाया है।

इस गहन सफाई और डिजिटलीकरण अभियान के परिणामस्वरूप, राज्य भर में लंबित दाखिल-खारिज के मामले लगभग पांच लाख से घटकर करीब 50,000 रह गए हैं।

शेष बचे मामलों को निपटाने के लिए एक विशेष दस दिवसीय अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को प्राथमिकता के आधार पर सभी लंबित मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि नए विकसित निगरानी तंत्र से जिला और राज्य दोनों स्तरों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार लंबित मामलों और प्रदर्शन को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे देरी होने पर तुरंत हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सके।

इस नई प्रणाली के तहत, राज्य में कहीं भी पंजीकृत (रजिस्टर्ड) होने वाली प्रत्येक संपत्ति के लिए राजस्व रिकॉर्ड में एक संबंधित दाखिल-खारिज प्रविष्टि (म्यूटेशन एंट्री) स्वचालित रूप से जेनरेट हो जाएगी।

इससे नागरिकों को पंजीकरण के बाद अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

इस सुधार से लाखों संपत्ति मालिकों के समय और प्रयास की बचत होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे एक अतिरिक्त प्रक्रियात्मक कदम समाप्त हो जाएगा जिसके कारण अक्सर देरी होती थी और राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे।

पंजीकरण और दाखिल-खारिज रिकॉर्ड के एक साथ अपडेट होने से सटीकता में भी सुधार होगा और पुराने मालिकाना रिकॉर्ड के कारण होने वाले विवादों की संभावना कम होगी।

डॉ. मिश्रा के अनुसार, यह पहल डिजिटल तकनीकों के माध्यम से भूमि शासन के आधुनिकीकरण और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के राज्य सरकार के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है।

मैन्युअल (मानवीय) हस्तक्षेप को कम करके और पारदर्शिता को मजबूत करके, इन सुधारों से राजस्व प्रशासन में जनता का विश्वास बढ़ने और संपत्ति के स्वामित्व अधिकारों का अधिक कुशल संरक्षण सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सरकार का दीर्घकालिक दृष्टिकोण एक पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित राजस्व प्रशासन प्रणाली का निर्माण करना है जो समयबद्ध, निर्बाध और परेशानी मुक्त तरीके से सेवाएं प्रदान करे।

लेखक

Siya Choudhary

ब्रेकिंग न्यूज और जनहित से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखने वाली हमारी एडिटोरियल टीम।

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