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गाड़ियों को लेकर जारी हुआ नया नियम, इन गाड़ियों में करना होगा ये काम

Newz Fast, New Delhi 6 Airbags compulsory news: कारों और दूसरी गाड़ियों में कंपनियों को अब सुरक्षा के लिए जरूरी एयरबैग लगाने ही होंगे. कंपनियों को कार चाहे किसी भी बजट की हो, उनमें कम से कम 6 एयरबैग लगाने होंगे.
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Car Air Bags

आठ यात्रियों तक के मोटर वाहनों में पैसेंजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए, अब कम से कम 6 एयरबैग जरूरी करने के लिए जीएसआर नोटिफिकेशन के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी गई है.

इस बात की जानकारी सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को दी. ज़ी बिज़नेस ने इस बारे में पहले ही खबर दी थी, जिस पर अब मुहर लगी है. 

गाड़ी की लागत/वेरिएंट चाहे कुछ भी हो

खबर के मुताबिक, मंत्रालय ने पहले ही 01 जुलाई 2019 से ड्राइवर एयरबैग और फ्रंट को-पैसेंजर एयरबैग को 1 जनवरी 2022 से फिट करना जरूरी कर दिया था.

यह आखिर में सभी सेगमेंट में पैसेंजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, चाहे गाड़ी की लागत/वेरिएंट कुछ भी हो. ऑटो कंपनियों ने सरकार से इसके लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी.

कीमतों में मामूली बढ़ोतरी से इनकार नहीं

बजट गाड़ियों में एयरबैग्स ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) 145 के मानकों को मुताबिक होने चाहिए. इन्हें ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स एक्ट 2016 के तहत नोटिफाई किया हुआ होना चाहिए.

फिलहाल कंपनियां केवल टॉप वेरिएंट्स में ही डुअल फ्रंट एयरबैग्स (Airbags in car) का फीचर देती हैं. सरकार के इस फैसले के बाद कार निर्माता कंपनियां कारों की कीमतों में 5000 से 7000 रुपये तक का इजाफा कर सकती हैं.

एयरबैग की भूमिका

भारत में Rane Madras सबसे बड़ी एयरबैग निर्माता भारतीय कंपनी है. Bosch भी एयरबैग बनाती है. आमतौर पर गाड़ियों में आने वाले एयरबैग्स (6 Airbags compulsory news) कॉटन से निर्मित होते हैं, और इन पर सिलिकॉन की कोटिंग होती है.

एयरबैग के भीतर सोडियम एजाइड गैस भरी होती है. कार के बंपर में आगे की तरफ एक सेंसर होता है, जैसे ही कोई चीज वेग से बंपर से टकराती है, तो सेंसर एक्टीवेट हो जाता है और हादसे के दौरान एक सेंकंड से भी कम वक्त में Airbags खुल जाते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा कम होता है और यात्रियों का सिर आगे लगने से बचाता है.