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इनमें से कोई भी कार खरीदने से पहले जरूर सोचें दो बार, वार्ना पड़ सकते है परेशानी में, क्रैश टेस्ट में हो चुकी हैं 'फुस्स'

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zero safety ratings cars of india

कार खरीदते समय अब ज्यादातर ग्राहक कारों के सेफ्टी फीचर्स को तरजीह देने लगे हैं। महिंद्रा और टाटा समेत कई कार कंपनियां अपनी कारों की लॉन्चिंग के साथ ही क्रैश टेस्ट रेटिंग भी जारी कर देती हैं। पिछले दिनों नई Tata Punch की सेफ्टी रेटिंग जारी गई थी, तो हाल ही में नई लॉन्च Mahindra XUV700 की सेफ्टी रेटिंग सामने आई है। दोनों ही कारों को NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है। ये अच्छी बात है कि कार कंपनियों के साथ ग्राहकों में भी सेफ्टी को लेकर जागरुकता बढ़ रही है। कंपनियां भी ग्राहकों में भरोसा बढ़ाने के लिए टॉप सेफ्टी रेटिंग्स को एक मार्केटिंग टूल की तरह इस्तेमाल कर रही हैं। हाल ही में लॉन्च नेक्स्ट जेनरेशन सेलेरियो में कंपनी ने 12 से ज्यादा सेफ्टी फीचर होने का दावा किया है, हालांकि इसका क्रैश टेस्ट होना अभी बाकी है। लेकिन ऐसा नहीं है कि देश में बिकने वाली सभी कारें सुरक्षा के मामले में अव्वल हैं। बल्कि आज भी भारत में जीरो सेफ्टी रेटिंग्स वाली कारें जमकर बिक रही हैं, यानी कि यात्रियों के सेफ्टी के लिहाज से वे बिल्कुल अनसेफ हैं। आइए जानते हैं उन कारों के बारे में सेफ्टी के लिहाज से बिल्कुल असुरक्षित हैं और उन्हें क्रैश टेस्ट में जीरो स्टार रेटिंग मिली है...

Maruti Suzuki Baleno

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) की प्रीमियम हैचबैक कार Baleno (बलेनो) हाल ही में लैटिन NCAP (एनसीएपी) क्रैश टेस्ट में सुरक्षा मानकों को पास करने में नाकाम रही है। बलेनो अपने सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रीमियम हैचबैक भी है। मारुति की बेस्ट सेलिंग प्रीमियम हैचबैक कार बलेनो से। मारुति की कुल बिक्री का सबसे बड़ा हिस्सा बलेनो से आता है। प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में बाकी कारों ह्यूंदै i20, टाटा अल्ट्रोज के मुकाबले ग्राहक बलेनो को ही तरजीह देते हैं। वहीं इसे कई देशों में भी निर्यात किया जाता है। लेकिन हाल ही में हुए Latin NCAP क्रैश टेस्ट में बलेनो ने वाकई निराश किया है। बलेनो को 0 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। मेड इन इंडिया सुजुकी बलेनो में दो एयरबैग्स स्टैंडर्ड आते हैं। अडल्ट ऑक्यूपेंट में इसे 20.03 प्रतिशत और चाइल्ड आक्यूपेंट में इसे 17.06 प्रतिशत मिले हैं। इसमें स्टैंडर्ड इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल ESC नहीं मिलता है। लैटिन एनसीएपी ने खराब साइड इफेक्ट प्रोटेक्शन, मार्जिनल व्हिपलैश प्रोटेक्शन, स्टैंडर्ड साइड बॉडी और हेड प्रोटेक्शन एयरबैग्स की कमी, स्टैंडर्ड इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) की कमी और सुजुकी के चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम (सीआरएस) की सिफारिश नहीं करने के फैसले को जीरो-स्टार के नतीजों का कारण बताया।

Maruti Suzuki Swift

अगस्त 2021 में मारुति की बेस्ट सेलिंग कारों में शामिल हैचबैक स्विफ्ट का भी क्रैश टेस्ट हुआ था। लैटिन NCAP यानी न्यू कार एसेसमेंट प्राग्राम फॉर लैटिन अमेरिका एंड द कैरिबियन में स्विफ्ट का भी हाल बलेनो जैसा रहा था। स्विफ्ट को भी क्रैश टेस्ट मे 0 स्टार रेटिंग मिली थी। जिसके बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने सेफ्टी रेटिंग्स को लेकर मारुति सुजुकी को सोशल मीडिया पर ट्रॉल भी किया था। स्विफ्ट को अडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 6.21 अंक मिले हैं, जबकि चाइल्ड प्रोटेक्शन में 31.71 अंक हासिल हुए हैं। लैटिन एनसीएपी द्वारा क्रैश टेस्ट की गई स्विफ्ट मेड-इन-इंडिया थी और इसे जापानी कार निर्माता की सुजुकी मोटर गुजरात मैन्युफेक्चरिंग प्लांट में बनाया गया था। 

Renault Duster

यह देश की पहली एसयूवी है जिसमें देश में मिडसाइज सेगमेंट में सबसे पहले कदम रखा था। इसे 2012 में लॉन्च किया गया था। अब रेनो कंपनी डस्टर का नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। लेकिन सेफ्टी लिहाज से डस्टर ने ग्राहकों को निराश किया है। इसी साल अगस्त में डस्टर की क्रैश टेस्ट रेटिंग्स आई थीं, जिसमें सेफ्टी एंड क्रैश टेस्ट में जीरो रेटिंग मिली थीं। रेनो डस्टर को एडल्ट ऑक्यूपेंट बॉक्स कैटिगरी में 29.47 फीसदी, पेडिस्ट्रियन प्रोटेक्शन और वल्नरेबल रोड यूजर्स बॉक्स कैटिगरी में 50.79 फीसदी, चाइल्ड ऑक्यूमेंट बॉक्स में 22.93 फीसदी और सेफ्टी असिस्ट बॉक्स कैटिगरी में 34.88 फीसदी नंबर मिले थे। रेनो डस्टर में साइड हेड प्रोटेक्शन और साइड बॉडी प्रोटेक्शन एयरबैग्स की कमी है। हालांकि टेस्टिंग में डुअल एयरबैग्स और ईएससी फीचर से युक्त डस्टर का इस्तेमाल किया गया था। वहीं रिपोर्टस के मुताबिक टेस्टिंग के दौरान इसके फ्यूल लीकेज की समस्या भी सामने आई थी।

Maruti Suzuki S-Presso

Maruti Suzuki S-Presso (मारुति सुजुकी एस-प्रेसो) Global NCAP (ग्लोबल एनसीएपी) की सुरक्षा रेटिंग के लेटेस्ट क्रैश टेस्ट में एक भी स्टार हासिल करने में नाकाम रही। एस-प्रेसो, एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए परीक्षण में प्रभावित करने में नाकाम रही। हालांकि, एस-प्रेसो को बच्चों की सेफ्टी के लिहाज से दो-स्टार की सुरक्षा रेटिंग हासिल हुई थी। इस कार में सिर्फ ड्राइवर-साइड एयरबैग स्टैंडर्ड मिलता है। एयरबैग और उनके द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा, ग्लोबल एनसीएपी के परीक्षणों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। एस-प्रेसो के बॉडीशेल को अस्थिर रेटिंग दी गई और यह ज्यादा लोडिंग में सक्षम नहीं पाई गई। टेस्ट के नतीजों में कहा गया है कि फ्रंट सीटबेल्ट में प्रीटेंशनर्स मौजूद नहीं हैं और पीछे की सीट में बीच में बैठने वाले यात्री के लिए तीन-बिंदु वाला सीटबेल्ट नहीं मिलता है। चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम (CRS) के लिए कोई ISOFIX एंकरेज भी नहीं है। क्रैश टेस्ट में इस्तेमाल किया गया वेरिएंट ड्राइवर-साइड एयरबैग, ABS, EBD जैसे फीचर्स से लैस था।

Maruti Eeco

मारुति की कैरियर कार ईको सेफ्टी के लिहाज से बिल्कुल असुरक्षित रही है। Global NCAP क्रैश टेस्ट में इसे सिर्फ जीरो स्टार हासिल किए। इसे अडल्ट प्रोटेक्शन में 0 और चाइल्ड ऑक्यूपेंसी में 2 अंक मिले थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्राइवर साइड में ईको चेस्ट प्रोटेक्शन के मामले में अनसेफ है। वहीं एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर के घुटने भी इसके इसके खराब डिजाइन की वजह से प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चाइल्ड सेफ्टी रेटिंग में इसे दो स्टार हासिल हुए थे।

Renault Kwid

रेनो की एंट्री लेवल हैचबैक क्विड भी सेफ्टी के लिहाज से असुरक्षित रही है। इसे ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में जीरो स्टार मिले थे। रिपोर्ट्स में सामने आया था कि एयरबैग से युक्त और बना एयरबैग वाली क्विड को टेस्टिंग के दौरान जीरो रेटिंग मिली। एडल्ट ऑक्य़ूपेंट प्रोटेक्शन में क्विड को जीरो और चाइल्ड ऑक्य़ूपेंट प्रोटेक्शन कैटेगरी में दो स्टार मिले थे।

Datsun Go

Datsun Go के बिना एयरबैग वाले वैरिएंट को NCAP ग्लोबल सेफ्टी रेटिंग में जीरो स्टार रेटिंग मिली थी। स्टीयरिंग व्हील के हार्ड और तत्काल संपर्क के कारण कार चालक के सिर के लिए असुरक्षित है। वहीं रिपोर्ट के निष्कर्षों में कार की बॉडी को भी अस्थिर बताया गया था। इसके अलावा, इस कार में बैठे दोनों सवारों के घुटनों में चोट लगने की संभावना जताई गई थी।