5G नेटवर्क क्या है और यह कैसे काम करेगा? यहां जानिए वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं

इस साल के अंत तक देश की सभी बड़ी टेलिकॉम कंपनियां आधिकारिक तौर पर 5G लॉन्च कर देंगी और उसके बाद भारत में लोगों को 4G इंटरनेट से 10 गुना ज्यादा स्पीड के साथ 5G इंटरनेट इंटरनेट मिलना शुरू हो जाएगा। 
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Newz Fast, New Delhi  भारत में 5G को लेकर चर्चा बहुत जोर-शोर से चल रही है (भारत में 5G)। देश में 5जी स्पेक्ट्रम (5जी स्पेक्ट्रम नीलामी) की नीलामी पूरी हो चुकी है और इसमें रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अदानी डाटा नेटवर्क्स ने अपनी-अपनी बोली लगाई है।

हिस्सेदारी खरीद ली है। अगर भारत में 5जी लॉन्च की तारीख की बात करें तो इस साल के अंत तक देश की सभी बड़ी टेलीकॉम कंपनियां आधिकारिक तौर पर इसे लॉन्च कर देंगी और इसके बाद भारत में लोगों को 4जी इंटरनेट से 10 गुना ज्यादा स्पीड मिलेगी। 5जी इंटरनेट को इंटरनेट मिलना शुरू हो जाएगा।

लेकिन इसको लेकर आपके मन में कुछ सवाल होंगे। उदाहरण के लिए, 5G तकनीक क्या है, यह कैसे काम करेगी। आइए जानते हैं-

5जी तकनीक क्या है? (हिंदी में 5जी तकनीक)
5G का मतलब 5वीं पीढ़ी का नेटवर्क है। 5G तकनीक एक प्रकार की वायरलेस कनेक्टिविटी है, जिसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम यानी रेडियो तरंगों (रेडियो तरंगों) का उपयोग किया जाता है।

यह मोबाइल नेटवर्क में एक नई तकनीक है और 5G नेटवर्क पिछली सभी नेटवर्क पीढ़ियों की तुलना में वायरलेस डेटा क्षेत्र में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। 5G या फिफ्थ जेनरेशन लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (LTE) में अपग्रेड है। 5जी में मिलेगी तेज इंटरनेट स्पीड, इसका नेटवर्क भी अच्छा होगा।

5G तीन बैंड में काम करता है- लो बैंड, मिड और हाई फ्रीक्वेंसी बैंड स्पेक्ट्रम। हाल ही में इनकी नीलामी पूरी हुई है। तीनों बैंड के अपने फायदे और नुकसान हैं। कम आवृत्ति 600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज आती है, जो लगभग 4 जी के समान है।

इसके बाद मीडियम फ्रीक्वेंसी में 3300 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी आती है। वहीं, 26 गीगाहर्ट्ज़ की फ्रीक्वेंसी हाई फ्रीक्वेंसी में आती है।

नेटवर्क लेटेंसी क्या है?
उम्मीद की जा रही है कि 5G नेटवर्क न केवल बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, बल्कि उन्नत एंटेना तकनीक द्वारा नई रेडियो फ्रीक्वेंसी पर डेटा ट्रांसफर करने से डेटा ट्रांसमिशन स्पीड में काफी वृद्धि होगी और नेटवर्क लेटेंसी, यानी लेटेंसी भी कम हो जाएगी। . अब आप पूछेंगे कि नेटवर्क लेटेंसी क्या है।

दरअसल जब आप मोबाइल से इंटरनेट पर कुछ सर्च करते हैं तो आपके फोन और टारगेट सर्वर के बीच लगने वाले समय को लेटेंसी कहते हैं। 4G नेटवर्क में यह विलंबता 40ms (40 मिलीसेकंड) है, जो 5G नेटवर्क में 1ms होने का अनुमान है।

यानी आपने क्लिक किया और एक मिलीसेकंड में जवाब आपके सामने आ जाएगा। 5जी नेटवर्क में नेटवर्क मैनेजमेंट की भी सुविधा होगी, जिससे नेटवर्क स्लाइसिंग के जरिए मोबाइल ऑपरेटर एक ही 5जी नेटवर्क में अलग-अलग वर्चुअल नेटवर्क बना सकेंगे, जिससे कंसिस्टेंसी और स्पीड भी बनी रहेगी।

5G में कौन सी रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है?
5G तकनीक में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम यानी रेडियो तरंगों (रेडियो तरंगों) का इस्तेमाल किया जाता है। रेडियो तरंगों के बारे में समझकर 5जी तकनीक की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिक परिभाषा के अनुसार, एक निश्चित समय अंतराल में एक रेडियो तरंग जितनी बार खुद को दोहराती है, उसे तरंग आवृत्ति कहा जाता है।

इस आवृत्ति को हर्ट्ज़ में मापा जाता है। किसी रेडियो तरंग को अपने आप को दोहराने में जितना समय लगता है उसे उसकी तरंगदैर्घ्य कहते हैं। जब रेडियो तरंगों की आवृत्ति बढ़ जाती है, तो उनकी तरंगदैर्घ्य घटने लगती है। ऐसी स्थिति में जब आवृत्ति अधिक होती है (या तरंगदैर्घ्य कम होती है), तो तरंगें एक स्थान से दूसरे स्थान तक तेजी से पहुंचती हैं, लेकिन वे अधिक दूरी तय नहीं कर पाती हैं।

इसका कारण यह है कि लघु तरंगदैर्घ्य के कारण रेडियो तरंगें विभिन्न सतहों में प्रवेश नहीं कर पाती हैं। इसके विपरीत, रेडियो तरंगें कम गति पर भी लंबी दूरी तय कर सकती हैं, जब आवृत्ति कम हो और तरंग दैर्ध्य अधिक हो।

कितनी होगी 5G इंटरनेट की स्पीड?
5G तकनीक-कुशल नेटवर्क की इंटरनेट स्पीड को लेकर ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि 5G पर इंटरनेट स्पीड 4G से 30 से 40 गुना तेज होगी। आने वाला समय 5G का है। यह 4जी नेटवर्क से काफी तेज है। 4जी नेटवर्क पर जहां औसत इंटरनेट स्पीड 45 एमबीपीएस है, लेकिन 5जी नेटवर्क पर यह स्पीड बढ़कर 1000 एमबीपीएस हो जाएगी।

इससे इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी। आम जिंदगी में इसका मतलब यह होगा कि डेटा को 4जी से 10 से 20 गुना तेजी से डाउनलोड किया जा सकता है। जहां 4जी नेटवर्क पर मूवी डाउनलोड करने में छह मिनट लगते हैं, वहीं 5जी नेटवर्क पर इसे डाउनलोड करने में 20 सेकेंड का समय लगता है।

5जी नेटवर्क के क्या फायदे हैं?
5जी मोबाइल सेवा के आने के बाद मोबाइल टेलीफोनी की दुनिया बदल जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक 5जी की स्पीड 4जी से 10 गुना ज्यादा होगी। 5जी सेवा के शुरू होने के बाद ऑटोमेशन का एक नया युग शुरू होगा।

जो चीजें अब तक बड़े शहरों तक सीमित रही हैं, वे गांवों तक पहुंच सकेंगी। इसमें ई-मेडिसिन, शिक्षा और कृषि क्षेत्र को जबरदस्त फायदा होगा। 5जी सेवा शुरू होने के बाद देश में डिजिटल क्रांति को एक नया आयाम मिलेगा। रोबोटिक्स तकनीक विकसित होगी। देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।

साथ ही ई-गवर्नेंस का विस्तार होगा। कोरोना संकट के बाद से जिस तरह से इंटरनेट पर हमारी निर्भरता बढ़ी है, उसे देखते हुए 5जी हर व्यक्ति के जीवन को बेहतर और आसान बनाने में मदद करेगा। 5G तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, वर्चुअल रियलिटी, क्लाउड गेमिंग के लिए नए रास्ते खोलेगी। इसके जरिए बिना ड्राइवर वाली कार की संभावना को पूरा किया जाएगा। मशीनें एक दूसरे से 5जी नेटवर्क पर बात करेंगी।

5G इंटरनेट प्लान कितने में उपलब्ध होगा?
Reliance Jio के भारत में आने के बाद इंटरनेट ज्यादातर लोगों की पहुंच में है। फिलहाल 80 करोड़ यूजर्स ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल कर रहे हैं। जहां तक ​​5जी इंटरनेट प्लान की कीमतों की बात है तो फिलहाल इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि यह 4जी प्लान की कीमतों से महंगा होगा, लेकिन ज्यादा नहीं। बाजार के जानकारों के मुताबिक 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में टेलीकॉम कंपनियों ने पानी की तरह पैसा बहाया है. जाहिर है इसकी भरपाई जनता की जेब से की जाएगी। यह अजीब बात है कि बाजार की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए 4जी जैसी रणनीति अपनाते हुए कंपनियां 5जी लॉन्च की शुरुआत में ही प्लान्स की कीमत कम रखें और बाद में इसे बढ़ा दें।