Moongfali Ki Khudai: मूंगफली खोदने का सही समय कैसे पहचानें? ये संकेत दिखें तो किसान न करें देरी

मूंगफली की खुदाई का फैसला केवल फसल की उम्र नहीं, बल्कि फलियों की maturity और खेत की स्थिति देखकर करना चाहिए।
मूंगफली की खुदाई का फैसला केवल फसल की उम्र नहीं, बल्कि फलियों की maturity और खेत की स्थिति देखकर करना चाहिए।

खरीफ मूंगफली की फसल तैयार होने के समय किसानों के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल होता है—मूंगफली की खुदाई कब करें?

इसका जवाब केवल कैलेंडर देखकर नहीं दिया जा सकता। मूंगफली की किस्म, बुवाई का समय, मौसम, मिट्टी और सिंचाई के कारण फसल पकने में अंतर आ सकता है।

इसलिए किसान खेत के अलग-अलग हिस्सों से कुछ पौधों को निकालकर उनकी फलियों की स्थिति जांचें। सही maturity पर खुदाई करने से तैयार फलियों को मिट्टी में छूटने और अधपके दानों के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

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मूंगफली तैयार होने के संकेत कैसे पहचानें?

फसल की maturity जांचने के लिए किसान कुछ पौधे निकालकर फलियों को ध्यान से देख सकते हैं।

ICAR-IIGR की तकनीकी जानकारी के मुताबिक maturity पर फलियां कठोर और मजबूत हो जाती हैं तथा उनके खोल की अंदरूनी सतह में स्पष्ट बदलाव दिखाई देते हैं।

फलियों को खोलकर देखें कि दाने ठीक से विकसित और भरे हुए हैं या नहीं।

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केवल पत्तियां पीली पड़ने को अंतिम संकेत न मानें, क्योंकि अलग-अलग परिस्थितियों में पौधों का बाहरी रंग maturity की पूरी तस्वीर नहीं बताता।

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कितने दिन में तैयार होती है मूंगफली?

मूंगफली की सभी किस्में एक ही अवधि में तैयार नहीं होतीं।

ICAR की variety information इसका अच्छा उदाहरण है। Girnar 4 की maturity लगभग 112 दिन बताई गई है। वहीं ICAR-IIGR की अलग-अलग varieties में करीब 96-105 दिन से लेकर 125-130 दिन तक maturity अवधि देखने को मिलती है।

इसलिए “100 या 120 दिन पूरे हुए, अब खुदाई कर दें” जैसा एक नियम सभी किसानों के लिए सही नहीं होगा।

सबसे पहले अपनी लगाई गई variety की maturity duration देखें और उसके बाद खेत में फलियों की वास्तविक स्थिति जांचें।

जल्दी खुदाई करने पर क्या नुकसान होगा?

मूंगफली की फसल पूरी तरह mature होने से पहले निकालने पर अधपकी फलियों की संख्या बढ़ सकती है।

ICAR-IIGR की technical guidance के मुताबिक premature harvesting से:

  • उपज कम हो सकती है
  • तेल प्रतिशत प्रभावित हो सकता है
  • दानों की गुणवत्ता खराब हो सकती है
  • fungal damage का जोखिम बढ़ सकता है

इसलिए कुछ फलियों के अधपके होने मात्र से पूरी फसल की खुदाई जल्दी शुरू नहीं करनी चाहिए।

ज्यादा देर करना भी पड़ सकता है भारी

अगर अधिकांश फलियां mature हो चुकी हैं तो केवल बाकी थोड़ी-सी अधपकी फलियों के पकने का इंतजार करना भी नुकसानदायक हो सकता है।

फसल ज्यादा पकने पर पौधे और फलियों को जोड़ने वाले पेग कमजोर हो सकते हैं। खुदाई के दौरान फलियां पौधे से अलग होकर जमीन के अंदर ही रह सकती हैं।

इससे तैयार उपज का हिस्सा खेत में छूट सकता है।

इसलिए maturity और harvesting loss के बीच सही समय चुनना महत्वपूर्ण है।

खुदाई से पहले मिट्टी की नमी जरूर देखें

मूंगफली जमीन के अंदर फलियां बनाती है, इसलिए harvesting के समय मिट्टी की स्थिति महत्वपूर्ण है।

मिट्टी बहुत ज्यादा सूखी और सख्त होने पर पौधे निकालते समय फलियां टूटकर जमीन में रह सकती हैं।

वहीं बहुत ज्यादा गीली मिट्टी में खुदाई करने पर मिट्टी फलियों से चिपक सकती है और बाद में सुखाने में परेशानी हो सकती है।

ऐसी स्थिति बेहतर रहती है जिसमें मिट्टी में इतनी नमी हो कि पौधा और फलियां कम नुकसान के साथ निकाली जा सकें।

बारिश आने वाली हो तो क्या करें?

मूंगफली mature हो चुकी हो और बारिश की संभावना हो तो किसान खेत की वास्तविक स्थिति और स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर harvesting की योजना बनाएं।

बहुत गीले खेत में खुदाई और उसके बाद फसल सुखाना मुश्किल हो सकता है।

लेकिन केवल कुछ अधपकी फलियों के लिए mature फसल को लंबे समय तक खेत में रोकना भी उचित नहीं है।

ऐसी परिस्थिति में स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग की सलाह उपयोगी हो सकती है।

खुदाई के समय फलियों को नुकसान से बचाएं

Harvesting के दौरान mechanical damage कम रखना महत्वपूर्ण है।

पौधों और फलियों को निकालते समय ऐसा तरीका अपनाएं जिससे तैयार फलियां कटें या टूटें नहीं।

खुदाई के बाद खेत में भी जांच करें कि बड़ी मात्रा में फलियां मिट्टी में तो नहीं छूट रही हैं।

अगर ऐसा हो रहा है तो harvesting method और खेत की नमी की स्थिति दोबारा जांचना उपयोगी होगा।

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खुदाई के तुरंत बाद फलियां अलग करने की जल्दी न करें

ICAR-IIGR की aflatoxin management guidance में uprooted plants को फलियों सहित पहले सुखाने की सलाह दी गई है।

पौधों को छोटे ढेरों में इस तरह रखा जा सकता है कि फलियां ऊपर की ओर रहें। इससे फलियों को तेजी से सुखाने में मदद मिल सकती है।

Guidance में पौधों को फलियों के साथ लगभग 6-7 दिन तक सुखाने का उल्लेख है, हालांकि वास्तविक drying period मौसम और नमी के अनुसार बदल सकता है।

मूंगफली को अच्छी तरह सुखाना बेहद जरूरी

खुदाई के बाद का management मूंगफली की गुणवत्ता के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सही harvesting time।

अधिक नमी में रखी मूंगफली में fungal growth और aflatoxin contamination का खतरा बढ़ सकता है।

ICAR-IIGR की aflatoxin guidance में अच्छी फलियों को सुरक्षित भंडारण से पहले करीब 8 प्रतिशत moisture level तक अच्छी तरह सुखाने की सलाह दी गई है।

अच्छी तरह सूखी फलियां मुट्ठी में हिलाने पर खड़खड़ाहट जैसी आवाज कर सकती हैं।

खराब और क्षतिग्रस्त फलियां अलग करें

सुखाने के बाद मूंगफली की sorting भी करें।

इन फलियों को मुख्य उपज से अलग रखें:

  • सड़ी हुई फलियां
  • कीट से क्षतिग्रस्त फलियां
  • mechanically damaged pods
  • फफूंद लगी फलियां
  • ज्यादा अधपकी फलियां

साफ और अच्छी तरह सूखी उपज को ही भंडारण के लिए रखना बेहतर है।

भंडारण में नमी से बचाना जरूरी

मूंगफली को ऐसे स्थान पर रखें जहां पानी का रिसाव और ज्यादा नमी न हो।

ICAR-IIGR की guidance साफ, हवादार और covered storage area की सलाह देती है। बोरियों को सीधे नम फर्श या दीवार के संपर्क में रखने से बचाना चाहिए।

भंडारण से पहले यह सुनिश्चित करें कि उपज पर्याप्त रूप से सूख चुकी है।

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किसान खुदाई से पहले करें ये 5 जांच

मूंगफली खोदने का फैसला करने से पहले किसान इन पांच बातों को देखें:

  1. लगाई गई variety की सामान्य maturity अवधि पूरी होने के करीब है या नहीं।
  2. खेत के अलग-अलग हिस्सों से पौधे निकालकर फलियों की maturity देखें।
  3. फलियों में दाने पूरी तरह विकसित हैं या नहीं।
  4. मिट्टी में harvesting के लिए पर्याप्त नमी है या नहीं।
  5. अगले कुछ दिनों के मौसम और बारिश की संभावना देखें।

इन संकेतों को एक साथ देखकर फैसला करना केवल तारीख के आधार पर खुदाई करने से ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

मूंगफली की खुदाई कितने दिन बाद करनी चाहिए?

यह variety पर निर्भर करता है। अलग-अलग किस्में लगभग 100 दिन से लेकर 125-130 दिन या इससे अलग अवधि में mature हो सकती हैं। इसलिए variety की recommended maturity और खेत में फलियों की वास्तविक स्थिति दोनों देखें।

मूंगफली पकने की पहचान कैसे करें?

कुछ पौधे निकालकर फलियों को देखें। Mature pods कठोर होते हैं, अंदर की shell surface में maturity के संकेत दिखाई देते हैं और दाने अच्छी तरह विकसित होते हैं।

जल्दी खुदाई करने से क्या नुकसान होता है?

अधपकी harvesting से उपज, तेल प्रतिशत और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है तथा immature pods की संख्या बढ़ सकती है।

मूंगफली की खुदाई में देर होने से क्या होगा?

बहुत देर करने पर पेग कमजोर हो सकते हैं और harvesting के दौरान फलियां पौधे से टूटकर मिट्टी में रह सकती हैं।

मूंगफली को खुदाई के बाद कितना सुखाएं?

सुखाने का समय मौसम पर निर्भर करेगा। सुरक्षित storage के लिए फलियों की नमी पर्याप्त रूप से कम करना जरूरी है। ICAR-IIGR की aflatoxin management guidance अच्छी फलियों को करीब 8% moisture तक सुखाने की सलाह देती है।

Mukesh Gusaiana
लेखक परिचय

Mukesh Gusaiana

हिंदी न्यूज़ राइटर एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर

मुकेश गुसाईना न्यूज़ फ़ास्ट के हिंदी न्यूज़ राइटर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। वह कृषि, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार, बिजनेस, टेक्नोलॉजी,और देश-दुनिया की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं।