नई दिल्ली। हरियाणा और राजस्थान की मंडियों में खरीफ फसलों की आवक तेज होने के साथ किसानों की नजर भाव पर टिकी हुई है। बाजरे की खरीद शुरू होने से मंडियों में गतिविधियां बढ़ी हैं, जबकि हरियाणा में 1509 धान के अच्छे भाव किसानों के लिए राहत लेकर आए हैं। दूसरी ओर सरसों में सीमित उपलब्धता और तेल मिलों की मांग के कारण मजबूती बनी हुई है।
इस बीच किसानों के लिए बाजरे के MSP को लेकर स्थिति समझना जरूरी है। खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,900 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
वहीं मंडियों में वास्तविक निजी खरीद का भाव गुणवत्ता, नमी, आवक और स्थानीय मांग के अनुसार MSP से कम या ज्यादा हो सकता है।
आइए जानते हैं 4 अक्टूबर के आसपास हरियाणा और राजस्थान की प्रमुख मंडियों में बाजरा, 1509 धान और सरसों की क्या स्थिति बनी हुई है।
बाजरे का MSP ₹2,900 प्रति क्विंटल
केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए बाजरे का MSP ₹2,900 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
इसलिए ₹2,300 को मौजूदा बाजरा MSP और उसके ऊपर ₹600 को fixed bonus बताकर ₹2,900 की गणना करना सही नहीं होगा।
हरियाणा में बाजरे की खरीद व्यवस्था के दौरान बाजार में मिलने वाले वास्तविक भाव और ₹2,900 के MSP के बीच अंतर की भरपाई पात्र किसानों के लिए राज्य की भावांतर व्यवस्था के अनुसार हो सकती है।
किसान इसे ₹600 प्रति क्विंटल की हर किसान को मिलने वाली fixed राशि न समझें। वास्तविक अंतर बिक्री भाव के आधार पर बदल सकता है।
ढिगावा मंडी में ₹2,301 में हुई बाजरे की खरीद
भिवानी जिले की ढिगावा मंडी में निजी स्तर पर भी बाजरे की खरीद शुरू होने की जानकारी है।
शुरुआती खरीद में बाजरा करीब ₹2,301 प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा गया। मंडी में खरीफ फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों की संख्या भी बढ़ रही है।
निजी बाजार में मिलने वाला भाव सरकारी MSP से अलग हो सकता है। पात्र किसान के मामले में राज्य की लागू भावांतर व्यवस्था का महत्व इसी कारण बढ़ जाता है।
राजस्थान में बाजरा ₹1,800 से ₹2,631 तक
राजस्थान की अलग-अलग मंडियों में बाजरे के भाव में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
उपलब्ध मंडी रिपोर्टों में बाजरा करीब ₹1,800 से ₹2,631 प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया है।
जयपुर में बाजरे का भाव करीब ₹2,150 से ₹2,300 प्रति क्विंटल के आसपास बताया गया है।
मंडी भाव में यह अंतर बाजरे की गुणवत्ता, नमी, स्थानीय मांग और आवक के कारण हो सकता है।
इसलिए किसान केवल राज्य का औसत भाव देखकर अपनी स्थानीय मंडी के भाव का अनुमान न लगाएं।
हरियाणा की मंडियों में भी MSP से नीचे निजी भाव
हरियाणा की कई मंडियों में निजी व्यापार का भाव भी ₹2,900 के MSP से नीचे दिखाई दे रहा है।
हिसार क्षेत्र में बाजरे के भाव करीब ₹1,900 से ₹2,015 प्रति क्विंटल के आसपास रिपोर्ट किए गए हैं, जबकि महेंद्रगढ़ क्षेत्र में भी निजी बाजार का भाव इससे नीचे रहने की जानकारी सामने आई है।
यही वजह है कि सरकारी खरीद और पात्र किसानों के लिए भावांतर व्यवस्था इस सीजन में महत्वपूर्ण बनी हुई है।
रेवाड़ी में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों की लंबी कतारें
बाजरे की आवक बढ़ने का असर कुछ मंडियों के बाहर भी दिखाई दे रहा है।
रेवाड़ी में खरीद प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बाजरा लेकर पहुंचे। मंडी के आसपास लंबी कतारें लगने की रिपोर्ट सामने आई है।
ऐसे में किसानों के लिए मंडी पहुंचने से पहले खरीद schedule, registration, gate pass और संबंधित procurement व्यवस्था की जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है।
1509 धान ने किसानों को दी बड़ी राहत
बाजरे के अलावा हरियाणा की मंडियों में इस समय 1509 धान सबसे ज्यादा चर्चा में है।
प्रदेश की विभिन्न मंडियों में 1509 धान के भाव करीब ₹3,800 से ₹4,400 प्रति क्विंटल के दायरे में पहुंचने की रिपोर्ट है।
कुछ स्थानों पर अच्छी गुणवत्ता वाली उपज के लिए इससे भी ऊंची बोली की खबरें सामने आई हैं।
पिछले सीजन की तुलना में बेहतर भाव मिलने से 1509 लगाने वाले किसानों को राहत मिली है।
अंबाला में 1509 धान ₹4,200 तक
अंबाला की मंडी में 1509 धान करीब ₹4,200 प्रति क्विंटल तक बिकने की रिपोर्ट है।
अच्छी गुणवत्ता और कम नमी वाली उपज के लिए कुछ किसानों को इससे ऊंची बोली मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि किसी मंडी में लगी सबसे ऊंची बोली को पूरे हरियाणा का सामान्य भाव नहीं माना जाना चाहिए।
किसान अपनी उपज लेकर जाने से पहले संबंधित मंडी का उस दिन का वास्तविक भाव जरूर जांचें।
कैथल सहित कई मंडियों में मजबूत 1509
कैथल और हरियाणा की दूसरी धान मंडियों में भी 1509 किस्म की अच्छी मांग बनी हुई है।
इस बार किसानों को पिछले सीजन के मुकाबले बेहतर भाव मिलने की रिपोर्ट है।
1509 बासमती समूह की धान किस्म होने के कारण इसका बाजार भाव सामान्य सरकारी खरीद वाले PR धान से अलग तरीके से तय होता है।
निर्यात मांग, चावल मिलों की खरीद, धान की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां इसके भाव पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
₹4,400 का भाव हर किसान को नहीं
1509 धान का अधिकतम भाव देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि मंडी पहुंचने वाले प्रत्येक किसान की उपज ₹4,400 प्रति क्विंटल में बिकेगी।
धान के भाव पर कई चीजों का असर पड़ता है:
- नमी की मात्रा
- दाने की गुणवत्ता
- मंडी में उस दिन की मांग
- चावल मिलों की खरीद
- उपज की सफाई
- किस्म की वास्तविक गुणवत्ता
इसी कारण एक ही दिन अलग-अलग किसानों की उपज अलग भाव पर बिक सकती है।
PR धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल
2026-27 खरीफ मार्केटिंग सीजन में सामान्य धान यानी Paddy Common का MSP ₹2,369 प्रति क्विंटल है, जबकि Grade A धान का MSP ₹2,389 प्रति क्विंटल है।
इसलिए PR धान के लिए ₹2,461 प्रति क्विंटल को केंद्र का सामान्य MSP बताना सही नहीं है।
किसानों को सरकारी खरीद के दौरान अपनी धान की category और उस पर लागू MSP की आधिकारिक जानकारी देखकर ही तुलना करनी चाहिए।
सरसों में ₹100 से ₹400 तक की तेजी
बाजरा और धान के बीच सरसों बाजार भी किसानों और व्यापारियों का ध्यान खींच रहा है।
26 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव में करीब ₹100 से ₹400 प्रति क्विंटल तक मजबूती की रिपोर्ट सामने आई है।
सीमित आवक और तेल मिलों की खरीद को इस तेजी का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
त्योहारी सीजन में खाद्य तेल की मांग भी बाजार sentiment को सहारा दे रही है।
आदमपुर में सरसों ₹8,300 तक
हरियाणा की आदमपुर मंडी में सरसों के भाव में करीब ₹400 प्रति क्विंटल की तेजी के साथ भाव ₹8,300 प्रति क्विंटल तक पहुंचने की रिपोर्ट है।
यह मौजूदा MSP से काफी ऊपर का बाजार भाव है।
हालांकि सरसों में तेल प्रतिशत, नमी और गुणवत्ता के आधार पर किसानों को मिलने वाला वास्तविक भाव अलग-अलग हो सकता है।
राजस्थान में भी सरसों मजबूत
राजस्थान की प्रमुख सरसों मंडियों में भी बाजार मजबूत बना हुआ है।
बूंदी में सरसों करीब ₹8,700 प्रति क्विंटल तक पहुंचने की रिपोर्ट है।
वहीं जयपुर में 42 प्रतिशत condition वाली सरसों के भाव भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
फतहनगर में उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के अनुसार सरसों करीब ₹7,581 से ₹7,900 प्रति क्विंटल के दायरे में रही।
अलग-अलग मंडियों के भाव की तुलना करते समय quality condition को ध्यान में रखना जरूरी है।
जयपुर में सरसों और तेल दोनों में मजबूती
जयपुर के सरसों व्यापार में भी तेजी का रुख देखने को मिला है।
उपलब्ध कारोबारी रिपोर्टों में मिल डिलीवरी सरसों का भाव ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इसी के साथ कच्ची घाणी सरसों तेल के भाव में भी मजबूती देखने को मिली है।
त्योहारी मांग के दौरान सरसों तेल की खपत बढ़ने की उम्मीद और सीमित मंडी आवक से तेल मिलों की खरीद को सहारा मिल सकता है।
लेकिन आगे बाजार किस दिशा में जाएगा, इसकी निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
सरसों का नया MSP ₹6,613, लेकिन किसानों के लिए जरूरी है साल समझना
सरसों के MSP को लेकर भी किसानों को एक महत्वपूर्ण बात समझनी चाहिए।
केंद्र सरकार ने हाल में रेपसीड और सरसों का MSP ₹413 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹6,613 प्रति क्विंटल करने की घोषणा की है।
लेकिन यह नया MSP Rabi Marketing Season 2027-28 के लिए है।
इसे मौजूदा 2026-27 marketing season का MSP नहीं समझना चाहिए।
मौजूदा RMS 2026-27 के लिए रेपसीड और सरसों का MSP ₹6,200 प्रति क्विंटल है।
यानी ₹6,613 का नया समर्थन मूल्य अगली रबी मार्केटिंग अवधि में लागू होगा।
तीन फसलों में किसानों के लिए क्या है बड़ी बात?
4 अक्टूबर के आसपास मंडी बाजार की तस्वीर देखें तो तीनों फसलों में अलग-अलग स्थिति है।
बाजरा: ₹2,900 का MSP महत्वपूर्ण है, लेकिन निजी बाजार में भाव इससे काफी नीचे दिखाई दे रहे हैं।
1509 धान: हरियाणा में मजबूत निजी मांग के कारण ₹3,800 से ₹4,400 तक के भाव किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
सरसों: मौजूदा मंडी भाव MSP से काफी ऊपर हैं और पिछले सप्ताह कई बाजारों में ₹100 से ₹400 प्रति क्विंटल तक तेजी देखने को मिली है।
किसान मंडी जाने से पहले ये बात जरूर देखें
मंडी भाव हर दिन बदल सकते हैं। एक ही जिले की दो मंडियों में भी भाव अलग हो सकते हैं।
इसलिए किसान सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले किसी एक “आज के भाव” को पूरे राज्य का अंतिम भाव न मानें।
फसल बेचने से पहले अपनी नजदीकी मंडी में:
- न्यूनतम और अधिकतम बोली
- फसल की quality requirement
- नमी की सीमा
- सरकारी खरीद की स्थिति
- registration की आवश्यकता
- खरीद एजेंसी
- payment व्यवस्था
की जानकारी जरूर लें।
खासकर बाजरे के मामले में ₹2,900 MSP और निजी मंडी भाव को अलग-अलग समझना जरूरी है।
इसी तरह 1509 धान की सबसे ऊंची बोली को सभी किसानों को मिलने वाला fixed rate और सरसों के ₹6,613 MSP को मौजूदा सीजन का समर्थन मूल्य समझना सही नहीं होगा।
फिलहाल हरियाणा-राजस्थान के कृषि बाजार में 1509 धान और सरसों की मजबूती किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है, जबकि बाजरे में सरकारी खरीद और बाजार भाव के अंतर पर सबसे ज्यादा नजर बनी हुई है।








