बाजरा काटने के बाद खेत में तुरंत करें ये काम, गेहूं-सरसों की बुवाई से पहले छोटी गलती पड़ सकती है भारी

बाजरे की कटाई के बाद रबी फसल के लिए खेत तैयार करता किसान

Newz Fast Agriculture Desk: हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के दूसरे बाजरा उत्पादक इलाकों में खरीफ फसल की कटाई के साथ ही किसानों के लिए अगली रबी फसल की तैयारी का समय शुरू हो जाता है।

बाजरा काटने के बाद खेत खाली दिखाई जरूर देता है, लेकिन यही समय अगली फसल की शुरुआत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

खेत में बाजरे के ठूंठ, डंठल, खरपतवार और दूसरी वनस्पति बची हो सकती है। इन्हें सही तरीके से संभालकर किसान गेहूं, सरसों, चना या अगली दूसरी फसल के लिए खेत तैयार कर सकते हैं।

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बाजरा काटने के बाद सबसे पहले खेत को देखें

कटाई पूरी होते ही ट्रैक्टर लेकर जुताई शुरू करने के बजाय पहले खेत का निरीक्षण करें।

देखें कि:

  • खेत में कितने फसल अवशेष बचे हैं
  • खरपतवार कितना है
  • मिट्टी में कितनी नमी है
  • कहीं पानी जमा तो नहीं है
  • जमीन ज्यादा सख्त तो नहीं हुई
  • अगली फसल कौन-सी लगानी है

इन बातों के आधार पर अगला कृषि कार्य तय करना ज्यादा उपयोगी होगा।

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बाजरे के डंठल बेकार नहीं, बन सकते हैं पशुओं का चारा

बाजरे की फसल का उपयोग केवल अनाज के लिए नहीं होता। इसके सूखे डंठल और अन्य उपयुक्त हिस्से पशुओं के चारे के रूप में भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

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पशुपालन करने वाले किसान अच्छी गुणवत्ता वाले उपयोगी अवशेष अलग रख सकते हैं।

जो अवशेष चारे के काम नहीं आने हैं, उन्हें खेत और उपलब्ध मशीनरी के अनुसार कम्पोस्ट या दूसरे उचित residue-management विकल्पों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इससे फसल अवशेषों का बेहतर उपयोग हो सकता है।

खेत में बचे अवशेषों में आग लगाने से बचें

फसल जल्दी बोने के लिए खेत साफ करने का सबसे आसान तरीका अवशेषों को जलाना लग सकता है, लेकिन इससे बचना चाहिए।

फसल अवशेष जलाने से धुआं और वायु प्रदूषण बढ़ता है। आग की गर्मी मिट्टी की ऊपरी सतह में मौजूद उपयोगी जैविक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है।

इसलिए संभव होने पर अवशेषों को चारे, कम्पोस्ट या कृषि मशीनों की मदद से उचित तरीके से manage करना बेहतर विकल्प है।

खरपतवार को अभी नजरअंदाज न करें

बाजरे की कटाई के बाद खेत में मौजूद खरपतवार पर भी नजर डालें।

अगर खरपतवार को ऐसे ही छोड़ दिया गया तो कुछ खरपतवार बीज बना सकते हैं और अगली फसल में समस्या बढ़ सकती है।

रबी फसल लगाने से पहले खेत की स्थिति के अनुसार खरपतवार प्रबंधन करने से नई फसल को शुरुआती अवस्था में पानी, पोषक तत्व और जगह के लिए कम प्रतिस्पर्धा मिल सकती है।

क्या बाजरा कटते ही गहरी जुताई करनी चाहिए?

हर खेत में गहरी जुताई जरूरी नहीं है।

जुताई का फैसला मिट्टी की स्थिति, फसल अवशेष, उपलब्ध नमी और अगली फसल के आधार पर होना चाहिए।

अगर जमीन सख्त है या खेत को समतल और भुरभुरा करने की आवश्यकता है तो उचित कृषि यंत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन केवल परंपरा के कारण बार-बार जुताई करने से डीजल, समय और पैसा खर्च हो सकता है।

अगली फसल के लिए जितनी field preparation जरूरी हो, उतनी ही करना बेहतर है।

सरसों बोनी है तो खेत को ज्यादा महीन करने की जरूरत नहीं

बाजरे के बाद कई किसान सरसों की खेती करते हैं।

सरसों के बीज छोटे होते हैं, इसलिए बुवाई के समय खेत में उचित नमी और अच्छा seedbed महत्वपूर्ण है। खेत में बहुत बड़े ढेले और अत्यधिक फसल अवशेष होने पर समान बुवाई में परेशानी हो सकती है।

लेकिन खेत को जरूरत से ज्यादा जुताई करके अत्यधिक महीन करना भी हर परिस्थिति में आवश्यक नहीं है।

स्थानीय मिट्टी और उपलब्ध नमी के अनुसार खेत तैयार करें।

गेहूं लगाने वाले किसान समय का रखें ध्यान

बाजरे के बाद गेहूं लगाने वाले किसानों के लिए खेत खाली होने और गेहूं की बुवाई के बीच का समय महत्वपूर्ण है।

कटाई के बाद खेत की तैयारी में अनावश्यक देरी करने के बजाय अगली फसल की अनुशंसित sowing window को ध्यान में रखकर काम की योजना बनाएं।

अगर खेत में पर्याप्त नमी मौजूद है तो उसके संरक्षण पर भी ध्यान दें।

जहां सिंचाई की आवश्यकता हो, वहां अगली फसल और मिट्टी की स्थिति के अनुसार पलेवा करने का फैसला किया जा सकता है।

मिट्टी की जांच कराने का भी अच्छा मौका

दो फसलों के बीच खेत खाली होने का समय soil testing के लिए उपयोगी हो सकता है।

मिट्टी की जांच से pH, जैविक कार्बन और प्रमुख पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकती है।

इसके आधार पर अगली फसल में खाद और उर्वरक की योजना ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से बनाई जा सकती है।

बिना जांच के केवल पिछली बार इस्तेमाल हुई खाद की मात्रा को दोहराना हर खेत के लिए सही तरीका नहीं है।

गोबर की खाद या कम्पोस्ट कब डालें?

अगर अगली फसल के लिए अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट का इस्तेमाल करना है तो इसे खेत की तैयारी के दौरान मिट्टी में मिलाया जा सकता है।

लेकिन इसकी मात्रा एक निश्चित संख्या मानकर पूरे देश के किसानों को लागू नहीं करनी चाहिए।

मिट्टी की स्थिति, अगली फसल और उपलब्ध जैविक खाद की गुणवत्ता के अनुसार मात्रा तय करें।

खेत में नमी बचाना भी जरूरी

अक्टूबर में कई इलाकों में खरीफ की कटाई के बाद मिट्टी में कुछ नमी बची रहती है।

बारानी क्षेत्रों में यह नमी अगली फसल के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।

इसलिए अनावश्यक जुताई से मिट्टी को बार-बार पलटने और नमी तेजी से खोने से बचना उपयोगी हो सकता है।

किसान अगली फसल और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार moisture conservation को प्राथमिकता दें।

सरसों, गेहूं या चना—अगली फसल देखकर करें तैयारी

बाजरे के बाद खेत तैयार करने का कोई एक तरीका हर फसल पर लागू नहीं होता।

सरसों: सही बुवाई समय, नमी और उपयुक्त seedbed पर ध्यान दें।

गेहूं: बुवाई की अनुशंसित अवधि और खेत में उपलब्ध नमी को ध्यान में रखें।

चना: जल निकासी और मिट्टी की स्थिति महत्वपूर्ण है; अनावश्यक सिंचाई या जलभराव से बचें।

इसके अलावा किसान अपने क्षेत्र की मिट्टी, पानी की उपलब्धता और कृषि विभाग/कृषि विश्वविद्यालय की recommendation के आधार पर फसल चुनें।

बाजरा कटाई के बाद इन 7 कामों की बनाएं सूची

  1. खेत में बचे फसल अवशेषों का आकलन करें।
  2. उपयोगी बाजरा डंठल पशु चारे के लिए सुरक्षित करें।
  3. अवशेष जलाने से बचें।
  4. खरपतवार का समय रहते प्रबंधन करें।
  5. मिट्टी की नमी और जल निकासी जांचें।
  6. जरूरत और अगली फसल के अनुसार ही जुताई करें।
  7. अगली फसल की सही बुवाई अवधि से पहले खेत तैयार रखें।

समय पर किए गए ये काम रबी फसल की बुवाई को आसान बनाने के साथ खेती की लागत और खेत प्रबंधन को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं।

बाजरा काटने के बाद खेत में सबसे पहले क्या करें?

सबसे पहले खेत का निरीक्षण करें। फसल अवशेष, खरपतवार, मिट्टी की नमी और जल निकासी की स्थिति देखकर अगली फसल के अनुसार खेत की तैयारी तय करें।

बाजरे के डंठल का क्या किया जा सकता है?

उपयुक्त और अच्छी गुणवत्ता वाले डंठल पशुओं के सूखे चारे के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। दूसरे अवशेषों को उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कम्पोस्ट या उचित residue management में उपयोग किया जा सकता है।

क्या बाजरे के अवशेष जला सकते हैं?

फसल अवशेष जलाने से बचना चाहिए। इससे वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी की ऊपरी सतह की जैविक गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

क्या बाजरा काटते ही खेत की जुताई करनी चाहिए?

यह मिट्टी की स्थिति, नमी, अवशेष और अगली फसल पर निर्भर करता है। हर खेत में तुरंत या बार-बार गहरी जुताई जरूरी नहीं होती।

बाजरे के बाद कौन-सी रबी फसल लगाई जा सकती है?

क्षेत्र, मिट्टी, सिंचाई और स्थानीय कृषि सिफारिश के अनुसार गेहूं, सरसों, चना या दूसरी उपयुक्त रबी फसल ली जा सकती है।

Mukesh Gusaiana
लेखक परिचय

Mukesh Gusaiana

हिंदी न्यूज़ राइटर एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर

मुकेश गुसाईना न्यूज़ फ़ास्ट के हिंदी न्यूज़ राइटर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। वह कृषि, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार, बिजनेस, टेक्नोलॉजी,और देश-दुनिया की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं।