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Success Farmer: सास-बहू ने बदल दिए खेती के मायने, हर साल कमा रही लाखों रुपये, इनका तरीका अपनाकर आप भी हो सकते हैं मालामाल

सास- बहू के संबंध भले ही खट्टे मीठे रहे हो, मगर लहसुन की खेती में दोनों ने मिलकर बंपर पैदावार लेकर एक नया इतिहास रच दिया है। चमेली देवी अपनी 10 एकड़ खेत में परंपरागत फसल तक सीमित थी। मगर शिक्षित बहू अनीता जाखड़ ने अपनी सास मां के साथ मिलकर खेती के मायने बदल दिए।
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Newz Fast, New Delhi सास- बहू के संबंध भले ही खट्टे मीठे रहे हो, मगर लहसुन की खेती में दोनों ने मिलकर बंपर पैदावार लेकर एक नया इतिहास रच दिया है।

गांव भूथनखुर्द की दसवीं पास पंचायत समिति भूना के वार्ड नंबर 14 की निवर्तमान सदस्य अनीता जाखड़ ने अपनी 60 वर्ष से अधिक आयु की सास मां चमेली देवी के साथ मिलकर तीन एकड़ में लहसुन का बीज बोया था।

जबकि अनीता के पति विनोद जाखड़ ने पंजाब के जालंधर में जमीन ठेके पर लेकर 7 एकड़ में लहसुन की खेती की कमान संभाल रखी थी।

मगर यहां की 3 एकड़ लहसुन के खेत में खरपतवार निकालने से लेकर पानी लगाने व खाद तथा कीटनाशक छिड़काव तक की जिम्मेदारी सास-बहू ने संभाल रखी थी। 15 दिन पहले ही मजदूरों की सहायता से लहसुन की खुदाई की है।

लहसुन की प्रति एकड़ 50 क्विंटल के लगभग बंपर पैदावार हुई है। जिसको लेकर सास-बहू के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही है। लेकिन फिलहाल 35 रुपये किलो थोक का भाव मंडियों में चल रहा है। परंतु चमेली देवी व बहू अनीता जाखड़ लहसुन को कुछ दिनों तक स्टॉक करके रखेगी। लहसुन का बाजार में थोक भाव 50 रुपये से भी अधिक होने का अनुमान है।

 
दस वर्षों से कर रही खेती

गांव भूथनखुर्द वासी चमेली जाखड़ के पति लालचंद जाखड़ का करीब 14 साल पहले आकस्मिक निधन हो गया था। इसके बाद पूरे घर की जिम्मेवारी चमेली देवी के कंधों पर आ गई थी। घर में तीन बेटे व एक बेटी के पालन- पोषण का जरिया मात्र एक खेती ही थी। चमेली देवी अपनी 10 एकड़ खेत में परंपरागत फसल तक सीमित थी। मगर शिक्षित बहू अनीता जाखड़ ने अपनी सास मां के साथ मिलकर खेती के मायने बदल दिए।

सास बहू ने पहले वर्ष एक कनाल में लहसुन लगाया, जिसमें हजारों रुपए की आमदनी हुई। परंतु उसके बाद प्रति वर्ष तीन से चार एकड़ में लहसुन बोया जाता आ रहा है। सास बहू की मेहनत के कारण प्रतिवर्ष लाखों रुपए की आमदनी घर में हो रही है।

वही चमेली देवी के बेटे विनोद कुमार ने जालंधर में सात एकड़ जमीन में लहसुन की बंपर पैदावार ली है। इसलिए भूथनखुर्द में पुश्तैनी जमीन पर सास- बहू मिलकर खेती कर रही है। जबकि पंचायत समिति सदस्य अनीता देवी के पति विनोद कुमार पंजाब में जमीन ठेके पर लेकर लाखों रुपये कमा रहे हैं।

साल में तीन फसलें

चमेली देवी की पुत्रवधू अनीता जाखड़ ने बताया कि लहसुन की पैदावार लेने के तुरंत बाद मूंग की बिजाई कर देते है। मूंग की पैदावार प्रति एकड़ 7 से 10 क्विंटल के बीच में हो जाती है। मूंग की पैदावार लेने के बाद धान की पौध रोपित कर देते हैं इसलिए एक साल में कई वर्षों से लगातार तीन फसलों से प्रति एकड़ तीन लाख से भी अधिक का मुनाफा कमा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इससे खेती का विविधीकरण भी हो जाता है तथा पैदावार में भी कोई कमी नहीं रहती। अगर जमीन में लगातार एक ही किस्म की फसल लेंगे तो उत्पादन में गिरावट आ सकती है और जमीन भी बंजर होने की आशंका बनी रहती है। फसल चक्र के अपनाने से रसायनिक खाद एवं कीटनाशक दवाइयों का भी अधिक उपयोग नहीं होता।