home page

Subsidy: हरियाणा सरकार की योजना, धान की जमीन खाली छोडने पर किसानों को मिलेंगे 7 हजार प्रति एकड़

 मेरा पानी-मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat) के तहत अब जो किसान धान की जगह कम पानी की खपत वाली अन्य फसल की बिजाई करेगा, उसे सरकार 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देगी।

 | 
peddy crop

Newz Fast, New Delhi हरियाणा में गिरते भू-जलस्तर को लकेर सरकार ने किसानों के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरु की है। इस योजना का उद्देश्य पानी की बचत करना है क्योंकि धान एक ऐसी फसल है जिसमें पानी की बहुत ज्यादा मात्रा में जरूरत होती है।

 मेरा पानी-मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat) के तहत अब जो किसान धान की जगह कम पानी की खपत वाली अन्य फसल की बिजाई करेगा, उसे सरकार 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देगी।

बड़ी बात यह है कि जो किसान धान की जमीन को खाली छोड़ता है तो भी उसे 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। प्रदेश सरकार ने मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम (Mera Pani-Meri Virasat Scheme) के तहत उन किसानों को 7 हजार रुपये देने का निर्णय लिया है

जो किसान धान के बदले में मक्का, कपास, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबीन, तिल, अरंड, मूंगफली, चारा, खरीफ प्याज, बागवानी व सब्जियां उगाएगा। इस बार की सबसे बड़ी बात यह है कि जो किसान धान वाली जमीन को खाली छोड़ता है तो उसे भी 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम (Mera Pani-Meri Virasat Scheme) के तहत पंजीकरण करवाना जरूरी इस स्कीम का लाभ लेने के लिए किसान को मेरा फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम के तहत पंजीकरण करवाना जरूरी होगा।

पंजीकरण प्रक्रिया 15 मई से शुरू होगी जोकि 30 जून तक चलेगी। पंजीकृत किसानों को क्षेत्र का सत्यापन कृषि विकास अधिकारी, पटवारी, नंबरदार की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा। जिन किसानों ने पिछले वर्ष इसका लाभ लिया था, वह किसान इस बार भी योजना का दोबारा लाभ ले सकते हैं।

मालूम हो कि इस बार फतेहाबाद में 9 हजार एकड़ कपास, 50 एकड़ खरीफ दालें, 50 एकड़ खरीफ तिलहन, 500 एकड़ खाली जमीन, 258 एकड़ मक्का व 938 एकड़ बागवानी, सब्जियांे का लक्ष्य रखा गया है।

बीते वर्ष इस योजना के तहत किसानों ने 7118 एकड़ क्षेत्र में फसल विविधिकरण अपनाया था। क्या कहते हैं अधिकारी सरकार ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत उन किसानों को 7 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है

जो किसान अपनी धान वाली जमीन को खाली छोड़ेंगे या उस पर कम पानी वाली अन्य फसल की बिजाई करेंगे। इस बार फतेहाबाद में करीब 11 हजार एकड़ में फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा गया है। - डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए फतेहाबाद