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जरूरी खबर,अब कीटनाशकों पर लगेगी सिर्फ 5 प्रतिशत GST, किसानों को मिलेगा फायदा

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि-रसायन उद्योग (Agrochemicals Industry) को आश्वासन दिया कि वह वित्त मंत्री के साथ कीटनाशकों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की उद्योग की मांग को उठाएंगे।
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Newz Fast, New Delhi किसानों की सहायता के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चलाती है। कृषि क्षेत्र में विकास के लिए सरकार किसानों को कृषि यंत्रो और कीटनाशकों पर सब्सिडी उपलब्ध करवाती है।

इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 23 जून को कीटनाशक निर्माताओं से वैकल्पिक उत्पादों पर काम करने का आग्रह किया क्योंकि कई किसान जैविक और प्राकृतिक खेती में रुचि दिखा रहे हैं।

उन्होंने वित्त मंत्री के साथ जीएसटी कटौती पर उद्योग की मांग को उठाने पर भी सहमति जताई है।

स्थायी समिति ने सरकार को सिफारिश की है कि उर्वरकों पर जीएसटी केवल 5 प्रतिशत है और कीटनाशक एक अन्य कृषि इनपुट होने के कारण जीएसटी के 5 प्रतिशत स्लैब के तहत रखा जाना चाहिए।

कीटनाशकों पर जीएसटी होगी कम (Pesticides GST will be reduced)

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि-रसायन उद्योग (Agrochemicals Industry) को आश्वासन दिया कि वह वित्त मंत्री के साथ कीटनाशकों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की उद्योग की मांग को उठाएंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक 28 और 29 जून को चंडीगढ़ में होगी।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने फसल विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि किसानों को अधिक बागवानी (Horticulture) और महंगी फसलें उगानी चाहिए।

नरेंद्र सिंह तोमर ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़ते हुए यह कहा कि "एग्रोकेमिकल पर 18 प्रतिशत का जीएसटी अत्यधिक अनुचित है क्योंकि वे न केवल फसल स्वास्थ्य के लिए बीमा के रूप में कार्य करते हैंबल्कि किसानों की गुणवत्ता, उपज और आय में भी वृद्धि करते हैं। 18 प्रतिशत की यह उच्च दर उचित नहीं है अधिकतम 5 प्रतिशत तक लाया जाना चाहिए।"

उच्च गुणवत्ता वाले कृषि रसायन पर ज़ोर (High Quality Agrochemicals)

पूर्व कृषि आयुक्त डॉ. चारुदत्त दिगंबर माई ने कहा कि "एग्रोकेमिकल उद्योग हमारे किसानों के लिए रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य करता है और फसल के नुकसान को कम करते हुए बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ उच्च उपज का आश्वासन देता है।

जलवायु परिवर्तन और कीटों और बीमारियों के उभरते खतरों को देखते हुए, नए और नवीन रसायन विज्ञान और प्रौद्योगिकियों की शुरूआत के लिए नियामक प्रणाली को बदलने की तत्काल आवश्यकता है।

किसानों को स्थायी आधार पर उच्च गुणवत्ता वाले कृषि रसायनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर प्रवर्तन तंत्र में सुधार की तत्काल आवश्यकता है"।

उन्होंने आगे कहा "सरकार को सीआईबी और आरसी के कामकाज में पूर्ण सुधार करना चाहिए और उन्हें विभिन्न आरसी में लिए गए निर्णयों को जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से लागू करने की सलाह देनी चाहिए।"

सरकार ने कीटनाशकों को एक चैंपियन क्षेत्र के रूप में घोषित किया है और इसलिए विकसित देशों से नई तकनीक और निवेश को आकर्षित करने की दृष्टि से भारतीय कानून को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के साथ संरेखित करना आवश्यक है।